अब गठबंधन की तीसरी पार्टी RLD ने भी कहा अपने दम पर लड़ें’गे सभी 11 सीटों पर चुनाव

New Delhi ; उत्तर प्रदेश लोकसभा चुनावों में महागठबंधन को मिली करारी हार से अब महागठबंधन बिखरता नजर आ रहा है।बसपा सुप्रीमो मायावती के आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा उपचुनाव अकेले लड़ने के फैसले की घोषणा करने के बाद ये स्थिति बनी है।उनके इस फैसले के जवाब में पहले समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गठबंधन से किनारा किया और अब राष्ट्रीय लोक दल ने भी इससे किनारा करते हुए आगामी चुनाव अपने दम पर लड़’ने की बात कही है।

समाचार एजेंसी पीटीआई ने बताया कि राष्ट्रीय लोक दल ने बुधवार को घोषणा की कि वह उत्तर प्रदेश की 11 सीटों पर होने वाले विधानसभा उपचुनाव अपने दम पर लड़ेगी।आपको बता दें राष्ट्रीय लोकदल उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनावों के लिए बने “महागठबंधन” में तीसरा बड़ा गठबंधन था।

हालांकि, राष्ट्रीय लोकदल के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष मसूद अहमद ने उम्मीद जताई कि “महागठबन्धन” बरकरार है। समाचार एजेंसी ने अहमद के हवाले से कहा, ‘राष्ट्रीय लोक दल जब भी चुनाव होगा, यूपी विधानसभा उपचुनाव अपने दम पर लड़ेगी।’ पार्टी प्रमुख अजीत सिंह और उनके बेटे जयंत चौधरी अगले कुछ दिनों में तय करेंगे कि आरएलडी कितनी सीटों पर चुनाव लड़े’गी।

आरएलडी प्रमुख अजीत सिंह मुजफ्फरनगर लोकसभा क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी के सांसद संजीव बलियान से हार गए थे।  जबकि उनके बेटे जयंत चौधरी बागपत में भाजपा के सत्यपाल सिंह से हार गए – दोनों करीबी मुकाबले में। पिता और पुत्र 2014 के आम चुनावों में भी अपनी-अपनी सीटों से चुनाव हार गए थे।

आपको बता दें बसपा और सपा ने अपने दशकों पुरानी दुश्मनी को लोकसभा चुनाव से ठीक पहले भूलाकर एक मंच पर आकर चुनाव लड़ा था। बसपा ने 38 सीटों पर जबकि सपा ने 37 पर चुनाव लड़ा था।इसके बाद भी बसपा और सपा को क्रमश: 10 और 5 सीटें मिलीं, जबकि रालोद ने खाली हाथ रहा।