कल है वृषभ संक्रांति ,की जाएगी सूर्य की उपासना

भगवान सूर्य पृथ्वी पर जीवित देवता के रुप में जाने जाते हैं । हिन्दू धर्म में इन्हें काफी पूजा जाता है । इनका राशि परिवर्तन एक अहम ज्योतिषीय घटना मानी जाती है । भगवान सूर्य पूरे वर्ष भर में सभी 12 राशियों में प्रवेश करते हैं । सूर्य देव के राशि में इस प्रवेश को संक्रांति के नाम से जाना जाता है । जब भगवान सूर्य मेष राशि से वृषभ राशि में प्रवेश करते हैं तो इसे ही वृषभ संक्रांति के नाम से जाना जाता है।इस वर्ष यह संकांति 15 मई यानि की बुधवार को है।

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ज्येष्ठ माह में होने वाली इस संक्रांति को वृषभ संक्राति के अलावा ज्येष्ठ संक्रांति के नाम से भी जाना जाता है । यह संक्रांति विशेष रुप से भगवान सूर्य को समर्पित है । इस दिन सूर्य के निकलने से पूर्व जगकर स्नान करके उसके बाद सूर्य के निकलने पर भगवान शिव और सूर्य देव की अराधना की जाती है ।

इस दिन हिन्दू धर्म में उपासना का विशेष महत्व है । इस दिन रात के समय भूमि पर ही सोना चाहिए । इस दिन गाय को दान के रुप  में देना काफी शुभ माना जाता है । इस दिन जो लोग पानी से भरे घड़े का दान करते है उन्हें विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है ।हिन्दू मान्यता के अनुसार इसी दिन से ज्येष्ठ माह की शुरुआत होती है ।इस दिन जब सूर्य मेष राशि से वृषभ राशि में प्रवेश करते हैं तो वृषभ राशि के लोगों को-

1.अपने क्रोध पर नियंत्रण रखना चाहिए इससे आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और बेकार के झगड़ो से आप बच पाएंगे।

2.यह समय कार्यालय जाॅब वालों के साथ- साथ कृषि एवं मार्केटिंग वालों के लिए भी शुभ है ।

3.यह समय आपके स्वास्थ्य के अनुकूल नहीं है । इसलिए स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान रखने की जरुरत है। इन सभी सावधानियों से आप खतरे से बाहर निकल सकते हैं ।

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