अयोध्या फैसले पर पुनर्विचार याचिका 2-4 दिन में की जाएगी दाखिल- जमीयत उलेमा-ए-हिंद

New Delhi: जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना सैयद अरशद मदनी ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के अयोध्या फैसले के खिलाफ समीक्षा याचिका लगभग तैयार है और दो-चार दिनों के भीतर याचिका दायर की जाएगी।

सहारनपुर में मदनी ने समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा “शीर्ष अदालत का फैसला कई लोगों की समझ से परे है। समीक्षा याचिका दायर करने का उद्देश्य यह नहीं है कि हम कोर्ट के फैसले का सम्मान नहीं कर रहे लेकिन लेकिन ये एक धार्मिक मुद्दा है।”

उन्होंने आगे कहा “राजीव धवन सहित रिकॉर्ड के हमारे वकीलों ने याचिका का लगभग मसौदा तैयार कर लिया है और दो-चार दिनों के भीतर इसे दायर करने जा रहे हैं। मस्जिद मंदिर पर नहीं बनाई गई थी। हमारा धर्म हमारा कर्तव्य है और हम इसे बचाने के लिए सभी प्रयास करेंगे।”

14 नवंबर को जमीयत की कार्यकारी समिति ने 9 नवंबर के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के हर पहलू की जांच के लिए कानूनी विशेषज्ञों और धार्मिक विद्वानों के एक पांच सदस्यीय पैनल का गठन किया था। मदनी की अध्यक्षता वाले पैनल ने शीर्ष अदालत के फैसले को चुनौती देने वाली समीक्षा याचिका की संभावनाओं पर गौर किया और सिफारिश की कि मामले में एक समीक्षा याचिका दायर की जानी चाहिए।

इस महीने की शुरुआत में, तत्कालीन CJI रंजन गोगोई की अगुवाई में सुप्रीम कोर्ट की पांच-न्यायाधीशों ने सर्वसम्मति से राम लला के पक्ष में फैसला सुनाया था। कोर्ट ने कहा था कि 2.7 एकड़ में फैली पूरी विवादित जमीन को सरकार द्वारा गठित एक ट्रस्ट को सौंप दिया जाएगा, जो इस जमीन पर राम मंदिर के निर्माण कराएगा। शीर्ष अदालत ने यह भी कहा था कि केंद्र और राज्य सरकार के बीच परामर्श के बाद एक मस्जिद के निर्माण के लिए अयोध्या में एक प्रमुख स्थान पर पांच एकड़ जमीन आवंटित की जानी चाहिए।