खुदरा महंगाई दर में इजाफा,0.6 प्रतिशत की हुई बढ़ोतरी

retail inflation

New  Delhi : गर्मी में  जिस तरह धूप की तपिश तापमान में इजाफा कर रही है, उसी तरह मंहगाई दर भी कम होती नहीं दिख रही है।  खाद्य पदार्थों की कीमतों में वृद्धि की वजह से  खुदरा मंहगाई दर अप्रैल में बढ़कर 2.92 फीसदी रही, जोकि मार्च महीने में 2.86 फीसदी दर्ज की गई थी। अप्रैल 2018 में महंगाई दर 4.58 फीसदी थी।

केन्द्रीय सांख्यिकी संगठन ( CSO) के ऑकड़ो के अनुसार खुदरा मंहगाई दर में अप्रैल में 0.6 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।  इस रिपोर्ट के अनुसार  दाल की मुद्रास्फीति  में -0.89 प्रतिशत रही जो मार्च में -2.25 फीसदी थी और अनाज की मुद्रास्फीति 1.17 प्रतिशत रही। ग्रामीण महंगाई में भी मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मार्च में जहां ग्रामीण महंगाई 1.80 फीसद थी वह अप्रैल में बढ़कर 1.87 फीसद हो गई है।

ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की थमी रफ्तार , वाहनों की बिक्री में 17 प्रतिशत की गिरावट

मंहगाई दर का प्रभाव – 

मंगाई दर का असर अर्थव्‍यवस्‍था पर दो तरह से होता है। यदि महंगाई दर बढ़ती है तो बाजार में वस्तुओं की कीमतें बढ़ जाती हैं और लोगों की खरीदने की क्षमता कम हो जाती है। वहीं यदि महंगाई दर घटती है तो बाजार में वस्तुओं के दाम घट जाते और लोगों की खरीदने की क्षमता बढ़ जाती है। महंगाई के बढ़ने और घटने का असर सरकार की नीतियों पर भी पड़ता है।

रीटेल महंगाई दर (कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स) वह महंगाई दर है जो जनता को सीधे तौर पर प्रभावित करती है और खुदरा कीमतों के आधार पर तय की जाती है। खुदरा मंहगाई दर के बढ़ने से   रोजमर्रा की सामान मंहगे हो जाते है, जो किचन के बजट पर सीधा असर डालते हैं।

 

Rajat Kumar

Trainee Copy Editor at Live India
सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं,
सारी कोशिश है कि ये सूरत-ए-हाल बदलनी चाहिए।
Rajat Kumar