बंगाल में चुनाव प्रचार पर रोक के बाद आयी ये प्रतिक्रियाएं, ममता ने साधा मोदी-शाह पर निशाना

चुनाव आयोग ने अमित शाह के रोड शो में हुई हिंसा को देखते हुए गुरुवार रात दस बजे के बाद चुनाव प्रचार अभियान पर रोक लगा दी है। आयोग ने कहा है कि उसने धारा 324 का प्रयोग कर यह फैसला लिया है।

ममता बनर्जी ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि मोदी-शाह ने चुनाव आयोग से ये फैसला करवाया है। उन्होंने कहा कि शाह दंगा कराने के मूड में आए थे। शाह और मोदी ने बंगाल के लोगों का अपमान किया है। उन्होंने कहा भाजपा ने विद्यासागर की मूर्ति तोड़ी है। उन्होंने  कहा कि अमित शाह के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

आयोग के इस फैसले के बाद सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर पर लोगों की प्रतिक्रियाएं आनी शुरु हो गई हैं।

सीपीएम नेता सीताराम येचुरी ने ट्वीट किया है कि – चुनाव आयोग का यह फैसला समझ में आने लायक नहीं है। आयोग को भाजपा और टीएमसी के कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई करनी चाहिेए। अभी तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

 

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल ने लिखा – कि जब बंगाल में स्थिति इतनी ही खराब है तो आयोग ने कल रात तक प्रचार करने की छूट क्यों दी है। कल तक के लिए आयोग ने इंतजार क्यों किया ? क्या आयोग ने प्रधानमंत्री के कल की रैली की वजह से ऐसा किया है ?

वरिष्ठ पत्रकार निखिल वाघले ने लिखा कि – चुनाव आयोग मोदी जी के लिए कड़ी मेहनत कर रहा है।

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वहीं एनडीटीवी की पत्रकार निधि राजदान ने लिखा है – कि जब बंगाल में स्थिति इतनी ही खराब है तो प्रचार रुक जाना चाहिए। आयोग ने कल रात तक प्रचार करने की छूट क्यों दी है।

वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश ने लिखा – कैसी विडम्बना! एक बड़े प्रदेश की मुख्यमंत्री और प्रमुख विपक्षी नेता को कहना पड़ रहा है: हमारी सुप्रीम कोर्ट भी नहीं सुन‌ रहा है और चुनाव आयोग भी नहीं सुन‌ रहा है। हम क्या करें, कहां जायें? सिर्फ और सिर्फ जनता के पास!