कश्मीर और लद्दाक के चप्पे-चप्पे में फहराया जाएगा तिरंगा, आ’तंकी इरादे होंगे ध्वस्त :भाजपा

New Delhi: जम्मू-कश्मीर के भाजपा अध्यक्ष रविंद्र राणा ने आज मीडिया से बात करते हुए कहा कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अमरनाथ यात्रा को बंद किया गया है। आ’तंकवादी जम्मू-कश्मीर में किसी बड़ी आ’तंकी घ’टना को अंजाम देने की कोशिश में हैं। इसी को देखते हुए जम्मू में भारी सुरक्षा बलो की तैनाती की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी सरकार के नेतृत्व में 15 अगस्त के अवसर पर जम्मू-कश्मीर और लद्दाख़ के हर गांव में जाकर तिरंगा फहराया जाएगा।

जम्मू-कश्मीर भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख़ के कोने-कोने में 15 अगस्त को तिरंगा फहराया जाएगा। हर गली, हर मोहल्ले और हर पंचायत द्वारा तिरंगा झंडा फैराया जाएगा। महबूबा मुफ्ती और दूसरे जम्मू-कश्मीर की क्षेत्रीय पार्टियों के नेताओ द्वारा घाटी में भारी सुरक्षा बलों की तैनाती के विरोध पर रविंद्र राणा ने कहा कि सेना को आ’तंकियों के लिए तैनात किया गया है। आम जनता को डरने की कोई जरूरत नहीं है।

आपको बता दें कि जम्मू कश्मीर में भारी संख्या में अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती की गई है। कश्मीर में मोदी सरकार कुछ बड़ा करने वाली है। खबरें हैं कि मोदी सरकार धारा-370 और 35A को हटा सकती है। जम्मू-कश्मीर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार ने सीएपीएफ की अतिरिक्त 100 कंपनियों को तैनात करने का आदेश दिया था। गृह मंत्रालय ने 25 जुलाई को केंद्रीय सशस्त्र बलों की अतिरिक्त 100 कंपनियों की तैनाती का आदेश जारी किया था। इन केंद्रीय बलों में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) शामिल हैं।

राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मोदी सरकार से सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार करने को कहा था। सुप्रीम कोर्ट में अनुच्छेद 370 और 35ए को चुनौती देने वाली याचिकाएं लंबित हैं। राज्य की नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी, जम्मू-कश्मी पीपुल्स मूवमेंट और अन्य क्षेत्रीय दलों ने अनुच्छेद 370 और 35ए से छेड़छाड़ का विरोध किया है।

वहीं जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने घाटी में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की अतिरिक्त कंपनियों को तैनात करने के केंद्र के फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि यह एक राजनीतिक समस्या है, जिसे सैन्य तरीकों से हल नहीं किया जा सकता है। पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा ने कहा कि केंद्र को अपनी कश्मीर नीति पर पुनर्विचार करना होगा और उसे दुरुस्त करना होगा।