शी जिनपिंग की यात्रा के पहले भारत का दो टूक, कहा कश्मीर हमारा आंतरिक मामला है

New Delhi : चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भारत यात्रा के पहले कश्मीर के मुद्दे को लेकर भारत ने दो टूक जवाब दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने साफ कहा कि है कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है। चीन को जम्मू-कश्मीर को लेकर भारत के रुख की पहले से ही जानकारी है। रवीश कुमार ने कहा कि राज्य की स्थिति को लेकर भारत के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है। भारत अपने पुराने रुख पर कायम है। उन्होंने कहा कि भारत के आंतरिक मामले में किसी दूसरे देश को बोलने का कोई अधिकार नहीं है।

आपको बता दें कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग 11- 12 अक्टूबर को भारत आ रहे हैं। यहां जिनपिंग चेन्नई में होने वाले भारत और चीन के दूसरे शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इस शिखर सम्मेलन में दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों के साथ वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होगी। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग के बीच वुहान में 27- 28 अप्रैल 2018 को पहला शिखर सम्मेलन हुआ था।

चीनी विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान के मुताबिक, ”आगामी चेन्नई अनौपचारिक समिट से दोनों देशों के नेताओं को द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के मुद्दों और भारत- चीन की विकास साझेदारी को गहरा करने पर विचारों को आदान – प्रदान करने का मौका मिलेगा।”
दोनों नेताओं को बीच बैठक में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एनएसी) को स्थिर रखने और व्यापार संबंध चर्चा के केंद्र बिंदु हो सकते हैं।

इसके अलावा बांग्लादेश-चीन-भारत-म्यांमार गलियारे की प्रगति पर भी ध्यान दिया जाएगा क्योंकि यह बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव से बाहर है। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शी जिनपिंग को इस बात का आश्वासन देंगे कि अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को खत्म करने के बाद जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र प्रशासित प्रदेश में तब्दील करने से वास्तविक नियंत्रण रेखा प्रभावित नहीं होगी।