शिवसेना के कांग्रेस संग जाने पर बोले सावरकर के पोते, उम्मीद है कि वह हिंदुत्व नहीं छोड़ेंगे

New Delhi : महाराष्ट्र में शिवसेना पहली बार कांग्रेस और NCP के साथ मिलकर सरकार बनाने जा रही है। इस पर सावरकर के पोते रंजीत सावरकर ने कहा कि मुझे भरोसा है कि उद्धव ठाकरे कभी हिंदुत्व की अपनी विचारधारा से समझौता नहीं करेंगे। यही नहीं रंजीत सावरकर ने कहा कि उन्हें यह उम्मीद भी है कि उद्धव ठाकरे सावरकर को भारत रत्न दिए जाने की अपनी मांग से पीछे नहीं हटेंगे।

आपको बता दें कि महाराष्ट्र में छाए राजनीतिक संकट के बादल अब छटने वाले हैं राज्य में जल्द ही नई सरकार बनने के आसार दिखाई देने लगे है। राज्य में पहली बार शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बनाने जा रही है। महाराष्ट्र में अंतिम दौर में सरकार गठन की तैयारी, कल राज्यपाल से मिलेंगे शिवसेना और कांग्रेस-एनसीपी के नेता।

इससे पहले वीर सावरकर को भारत रत्न दिए जाने को लेकर पूरे देश में जारी ब’हस पर उनके पोते ने बयान दिया था। वीर सावरकर की तुलना नाथूराम गोडसे से करने पर रणजीत ने इंदिरा गांधी का उदाहरण दिया था। उन्होंने कहा कि दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री ने भी वीर सावरकर के योगदान से कभी किनारा नहीं किया। इंदिरा गांधी ने वीर सावरकर को सम्मानित किया था। वह निश्चित रूप से वीर सावरकर की अनुयायी थीं और उनसे प्रभावित थीं।

सावरकर से प्रभावित होकर ही उन्होंने पाकिस्तान को प’टख’नी दी थी। पाकिस्तान को घु’टने पर ले आना, सेना और विदेशी संबंधों को मजबूती देना सावरकर के आदर्शों पर चलने का ही परिणाम था। जवाहर लाल नेहरू और महात्मा गांधी के विचारों के वि’रू’द्ध जाकर इंदिरा गांधी ने ये सारे कार्य किए थे।