भाजपा को सिर्फ ‘धनदाताओं’ की चिंता है, न कि ‘अन्नदाताओं’ की- रणदीप सुरजेवाला

New Delhi: देश को आर्थिक मंदी से उबारने के लिए शुक्रवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कॉरपोरेट कर को संशोधित करने का फैसला लिया। उनके इस फैसले पर अब राजनीति शुरू हो गई है। उनके इस फैसले को विपक्षी कांग्रेस ने शनीवार को उच्च वर्ग के हितो वाला फैसला बताते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी को केवल धनदाताओं की फिक्र है अन्नदाताओं की उसे काई परवाह नहीं है।

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्विटर पर एक मीडिया रिपोर्ट शेयर करते हुए कहा कि आम जन पर टैक्स 33 प्रतिशत और व्यापारी जगत के लिए यह 22 प्रतिशत रखा गया है। इससे साफ हो जाता है कि भाजपा को ‘अन्नदाता’ नहीं केवल ‘धनदाताओं’ के हितों की चिंता है।

अध्यादेश के माध्यम से कर में कटौती और राजकोषीय राहत लाते हुए, सरकार ने शुक्रवार को एक प्रभावी आर्थिक मंदी के बीच विकास और निवेश को बढ़ावा देने के लिए घरेलू सरचार्ज कर को 25.17 प्रतिशत कर दिया, जिसमें सभी सरचार्ज और सेस शामिल थे।

1 अक्टूबर 2019 से कोई भी नई घरेलू कंपनी के निर्माण में निवेश करने पर 15% की दर से आयकर का भुगतान करना होगा। निर्मला सीतारमण ने कहा कि न्यूनतम वैकल्पिक कर (MAT) पर राहत देते हुए इसकी दरों में कमी की गई है।

मौजूदा MAT दर 18.5% से घटाकर 15% कर दी गई है। आयकर अधिनियम में एक नया प्रावधान डाला गया है, जो किसी भी घरेलू कंपनी को 22% की दर से आयकर का भुगतान करने की अनुमति देता है। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों पर लगाम लगाते हुए बढ़ा हुआ सरचार्ज किसी भी सुरक्षा की बिक्री पर होने वाले पूंजीगत लाभ पर लागू नहीं होगा