राम मंदिर के साथ देश में राम राज्य भी आए : राज ठाकरे

New Delhi: अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे ने ख़ुशी जताई है। न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा कि,’ मैं आज खुश हूं। पूरे संघर्ष के दौरान बलिदान देने वाले सभी ‘कारसेवकों’ को..उनका बलिदान बेकार नहीं गया। राम मंदिर का निर्माण जल्द से जल्द होना चाहिए। राम मंदिर के साथ-साथ राष्ट्र में राम राज्य ’भी होना चाहिए, यही मेरी इच्छा है।

इससे पहले मायावती ने ट्वीट कर कहा कि ,’ डॉक्टर भीमराव अम्बेडकर के धर्मनिरपेक्ष संविधान के तहत मा सुप्रीम कोर्ट द्वारा रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद के सम्बंध में आज आम सहमति से दिए गए ऐतिहासिक फैसले का सभी को सम्मान करते हुए अब इसपर सौहार्दपूर्ण वातावरण में ही आगे का काम होना चाहिए ऐसी अपील व सलाह।

सुप्रीम कोर्ट पांच जजों की संवैधानिक बेंच ने सर्वसम्मति से अयोध्या विवादित जमीन राम लला को दी। मुस्लिम पक्ष को अयोध्या में कहीं और सरकार द्वारा पांच एकड़ जमीन दने का आदेश दिया है। रामलला के पास रहेगी विवादित जमीन, मुस्लिम पक्ष को दूसरी जगह मिलेगी। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के फैसले से दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने ख़ुशी जताई । केजरीवाल ने कहा कि ,’सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद SC की बेंच के पाँचों जजों ने एकमत से आज अपना निर्णय दिया। हम SC के फ़ैसले का स्वागत करते हैं। कई दशकों के विवाद पर आज SC ने निर्णय दिया। वर्षों पुराना विवाद आज ख़त्म हुआ। मेरी सभी लोगों से अपील है कि शांति एवं सौहार्द बनाए रखें’।

इस फैसले के बाद सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि ,’1992 में बाबरी मस्जिद को ढहाना और 1949 में मूर्तियां रखना गैरकानूनी था। मंदिर निर्माण के लिए केंद्र सरकार तीन महीने में एक ट्रस्ट बनाएगा। फैसले का सम्मान करते हुए हिन्दू महासभा के वकील वरुण कुमार सिन्हा ने कहा- यह एक ऐतिहासिक फैसला है। इस फैसले के साथ, सर्वोच्च न्यायालय ने विविधता में एकता का संदेश दिया है। इस फैसले के बाद सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील ज़फरयाब जिलानी संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि ,’हम फैसले का सम्मान करते हैं लेकिन हम संतुष्ट नहीं हैं, हम आगे की कार्रवाई के बारे में सोचेंगे’।