राजीव गांधी सम्मान विवाद पर बोले रामनिवास गोयल, कहा- प्रस्ताव में ‘राजीव गांधी’ शब्द नहीं था

NEW DELHI: दिल्ली विधानसभा में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी से ‘भारत रत्न’ वापस लिए जाने के संबंधी प्रस्ताव ने राजनीति गलियारे में हलचले तेज कर दी। इस मामले पर विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने कहा कि सदन के सामने मूल पाठ में ‘राजीव गांधी’ शब्द नहीं था, जो कुछ भी आम आदमी पार्टी के जरनैल सिंह ने कहा था, वह पारित नहीं हुआ हैं।

आपको बता दें कि आम आदमी पार्टी की विधायक अलका लांबा के अपने ट्वीट में कहा था कि विधानसभा में चर्चा के दौरान उनसे राजीव गांधी से भारत रत्न वापस लिए जाने को लेकर अपने भाषण में मांग शामिल करने को कहा गया था, जो मुझे मंजूर नही था। मैंने सदन से वॉक आउट किया। मेरे वॉक आउट के बाद मुख्यमंत्री ने मुझे मैसेज किया कि मैं अपना इस्तीफा दे दूं, लेकिन थोड़ी देर बाद उन्होंने कहा कि मैं इस्तीफा नहीं दे रही हूं।

Delhi Assembly Speaker Ram Niwas

वहीं इस मामले को लेकर दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि उनसे इस्तीफा नहीं मांगा गया था। हम इसमें विश्वास नहीं करते कि राजीव गांधी से भारत रत्न वापस लिया जाना चाहिए। किसी तरह का कोई इस्तीफा नहीं हुआ है और न ही हमने इस्तीफा देने का कोई दवाब बनाया है। इसके अलावा, विधायक जरनैल सिंह ने कहा कि राजीव गांधी से भारत रत्न वापस लिए जाने संबंधी प्रस्ताव वास्तविक प्रस्ताव में शामिल नहीं था, जो मैंने कहा वह सिर्फ मेरा मानना था, तकनीकी रूप से इसे नोटिस में नहीं लिया गया था।

इस मामले को लेकर कांग्रेस नेता अजय माकन ने आप पार्टी पर हमला बोला। अजय माकन ने कहा कि राजीव गांधी ने देश के लिए अपना जीवन बलिदान किया है, यहां तक की बीजेपी ने कभी भी उनसे भारत रत्न वापस किए जाने की मांग नहीं उठाई। केजरीवाल को इस मामले पर माफी मांगनी चाहिए, साथ ही सदन में कार्यवाही के दौरान इस प्रस्ताव को रद्द किया जाए।