‘बजरंगबली’ वाले बयान पर राम नाईक ने दी CM योगी को सलाह, अटल जी की तरह मीठी रखो वाणी

NEW DELHI: राजस्थान विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान अलवर में प्रचार करते हुए यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ द्वारा बजरंगबली पर दिए गए बयान पर विवाद शुरू हो गया है। इस कड़ी में अब उत्तर प्रदेश के गवर्नर राम नाईक का बयान सामने हैं। राम नाईक ने सीएम योगी को नसीहत देते हुए कहा हैं कि अपनी बातों को सभ्यता से रखना और किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाए बिना अपने विचारों को लोगों के सामने रखना लोकतंत्र के लिए बेहद जरूरी है।

उन्होंने कहा कि हमने पूर्व प्रधानमंत्री और बीजेपी के दिग्गज नेता अटल बिहारी वाजपेयी को देखा है, जिस प्रकार वो अपनी प्रतिक्रिया को अच्छे से व्यक्त करते थे। वह अपनी बातों को इतनी विनम्रता से रखते थे कि संसद में हमेशा सभी का दिल जीत लेते थे। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी की इन्ही बातों से सीख लेते हुए ऐसी बातें बोलनी चाहिए जो दूसरों को ठेस न पहुंचाए। उन्होंने कहा कि राजनीति छोड़ने के इतने सालों बाद भी लोग लखनऊ को लोग अटल बिहारी के नाम से जानते हैं, उसके पीछे का कारण उनका अच्छा व्यक्तित्व था।

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आपको बता दें कि चुनाव प्रचार के दौरान मालाखेड़ा में सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि एक ऐसा लोक देवता हैं, जो अब स्वयं वनवासी हैं, गिरवासी हैं, दलति हैं, वंचित हैं। पूरे भारतीय समाज को उत्तर से लकेर दक्षिण तक और पूरब से लेकर पश्चिम तक सबको जोड़ने का काम बजरंग बली करते हैं। योगी आदित्यनाथ के इस बयान के बाद हंगामा शुरू हो गया।

एमपी के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने इस बयान का विरोध जताया। दिग्विजय सिंह ने लिखा कि बीजेपी का अजेंडा हैं कि राम मंदिर विवाद चलता रहे, हजारों करोड़ की मूर्तियां बनावाओ, हनुमान जी को जातिवर्ग में शामिल करो, विज्ञान को पीछे करके किवदंतियों को आगे लाओ और जुमलों के सहारे जनता को सपने दिखाओं। दिग्विजय सिंह के इस हमले पर बीजेपी सांसद उदित राज का बयान आया।