राम मंदिर को लेकर नई खींचतान शुरू, हर किसी में पुजारी बनने की होड़

New Delhi : अयोध्या के वर्षों पुराने मंदिर मस्जिद विवाद का निर्णय तो सुप्रीम कोर्ट ने दे दिया, लेकिन अब एक नई जंग शुरू हो गई है। राम मंदिर निर्माण के लिए कोर्ट ने केंद्र सरकार को 3 माह में एक ट्रस्ट बनाने का भी आदेश दिया है। अब ट्रस्ट बनने से पहले ही वर्चस्व के साथ निर्मित मंदिर में पूजा पाठ और भोग राग के अधिकार को लेकर लड़ाई शुरू हो गई है।

हर कोई पुजारी बनना चाहता है। इसको लेकर अब प्रधानमंत्री को भी पत्र लिखे जाने लगे हैं। पुजारी बनने की होड़ में गुरु भाइयों आचार्य सत्येंद्र दास और महंत धर्म दास के साथ ही रामलला विराजमान के पक्षकार और राम जन्मभूमि न्यास के सदस्य त्रिलोकी नाथ पांडेय भी शामिल हो गए हैं।

पुजारी बनने की यह होड़ राम मंदिर के पक्षकार महंत धर्म दास की ओर से प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और राम मंदिर के रिसीवर को पत्र लिखे जाने से शुरू हुई। इस पत्र में उन्होंने 1949 में अपने गुरु बाबा अभिराम दास के राम मंदिर का पुजारी होने का जिक्र करते हुए उनके खिलाफ पुजारी रहते दर्ज मुकदमे और इसके आधार पर मंदिर और मस्जिद पक्षकारों द्वारा उनको पुजारी मानते हुए पार्टी बनाने का भी उल्लेख किया। महंत ने यह भी कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में उनके गुरु बाबा अभिराम दास को ही तत्कालीन पुजारी माना है। इसी आधार पर उन्होंने परंपरा और कानून का हवाला देकर गठित होने वाले ट्रस्ट में खुद को ट्रस्टी और पुजारी बनाने की मांग की है।