अयोध्या में अगर बनेगा राम मंदिर तो देखिए कैसा होगा भव्य मंदिर का नक्शा…

New Delhi : दशकों से चल रहा अयोध्या का रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद केस अब अपने अंतिम दौर में है। सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को इस विवाद पर आखिरी बहस हो रही है, आज दोनों ही पक्षों की ओर से अंतिम दलीलें रखीं गई। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने साफ कर दिया है कि सुनवाई बुधवार शाम पांच बजे खत्म हो जाएगी।

वहीं उन्नाव से भाजपा सांसद साक्षी महाराज ने कहा है कि 6 दिसंबर से राम मंदिर निर्माण शुरू हो जाएगा। दूसरी तरफ कुछ दिनों पहले ही राम मंदिर का नया नक्शा जारी किया गया था। अगर राम मंदिर बनेगा तो इस नक्शे के अनुसार बनेगा।

आज सुप्रीम कोर्ट में रामलला विराजमान के वकील सीएस वैद्यनाथन ने कहा कि उन्होंने (मुस्लिम पक्ष) हमपर कब्जा करने की बात कही है, लेकिन हमने ऐसा नहीं किया। हम जो मांग रहे हैं वह बाबर के द्वारा जो अवैध निर्माण हुआ था उसकी जमीन मांग रहे हैं।

इसपर जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि वक्फ बोर्ड के जमीन पर हक के दावा पर आप क्या कहेंगे? इसपर वैद्यनाथन ने कहा कि ये लोग मंदिर के दावे को खारिज कर रहे हैं लेकिन जब वहां पर पहले से ही मंदिर था तो ऐसा कैसे कह सकते हैं?

रामलला विराजमान की तरफ से सीएस वैद्यनाथन ने कहा कि मुस्लिम पक्ष के पास ऐसे कोई सबूत नहीं हैं कि वो साबित कर सके कि जमीन पर उनका हक है। मुस्लिम पक्ष की तरफ से ये दावा किया गया कि वहां 22-23 दिसंबर तक नमाज हो रही थी, लेकिन 1934 तक शुक्रवार की नमाज होती थी।

हिंदू पक्षकार सीएस वैद्यनाथन ने कहा कि इस बात के प्रमाण हैं कि 16 दिसंबर 1949 के बाद विवादित स्थल पर कोई नमाज़ अदा नहीं की गई। 22/23 दिसंबर की रात से रामलला वहां विराजमान थे। 23 दिसंबर 1949 को शुक्रवार था, लेकिन मूर्ति होने की वजह से नहां पर नमाज़ नहीं हो सकी थी।