देश की रक्षा तैयारियों के साथ कोई समझौता नहीं होगा : राजनाथ सिंह

New Delhi : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि देश की रक्षा तैयारियों में बजट कोई बाधा नहीं बनेगी। राजनाथ सिंह ने राज्यसभा में कहा कि सरकार बजट के कारण रक्षा तैयारियों के साथ समझौते की अनुमति नहीं देगी।  उन्होंने  बजट के कारण रक्षा तैयारियों पर पड़ने वाले किसी भी प्रतिकूल प्रभाव को नकारा है।

राजनाथ सिंह ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक सवालों के जवाब में कहा कि सरकार बजट के कारण रक्षा तैयारियों पर बजट के कारण कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने इस बात से इंकार किया कि रक्षा क्षेत्र में आवंटित बजट का पूरा उपयोग नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि वास्तव में आवंटित बजट से अधिक राशि व्यय की गयी है। उन्होंने कहा कि 2015-19 की अवधि के दौरान सरकार ने सामान्य और आकस्मिक खरीद, दोनों के लिए सेना मुख्यालय को दीर्घकालिक वित्तीय शक्तियां प्रदान की है। इससे निर्णय लेने की प्रक्रिया में तेजी आयी है और बजट का पूरा तथा अधिकतम उपयोग हुआ है।

गौरतलब है कि वर्ष 2019-20 के लिए रक्षा बजट 3.18 लाख करोड़ का था। पिछले साल का रक्षा बजट 2.98 लाख करोड़ रुपये था। कुल बजट आवंटन में से 1,08,248 करोड़ रुपये 2019-20 के लिए पूंजी व्यय के लिए रखे गए थे। यह राशि नए हथियार, विमान, युद्धक पोत और अन्य सैन्य हार्डवेयर की खरीद पर खर्च की जानी थी। पिछले साल सरकार ने पूंजी व्यय के लिए 93,982 करोड़ रुपये आवंटित किए थे। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि कुल रक्षा बजट में 6.87 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी। रक्षा विशेषज्ञयों का कहना है कि ‘‘हमारे सैन्य बलों को जिस प्रकार के आधुनिकीकरण की जरूरत है उस लिहाज से पूंजी व्यय आवंटन पूरी तरह अपर्याप्त है”।