प्रोजेक्ट ‘उत्कृष्ट’ से बदलने लगी हैं भारतीय रेल की सूरत

New Delhi: यात्रियों को सुविधाजनक एवं आरामदायक यात्रा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भारतीय रेल के प्रोजेक्ट उत्कृष्ट योजना के तहत गंगा- दामोदर एक्सप्रेस की काया पलट हो गई है। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने एक ट्विट करके यह जानकारी दी। पीयूष गोयल ने ट्विट में एक वीडियो में भी पोस्ट किया, जिसमें गंगा- दामोदर एक्सप्रेस काफी खूबसूरत दिख रहा है।

 

प्रोजेक्ट ‘उत्कृष्ट’ है सबसे उत्कृष्ट

प्रजोक्ट उत्कृष्ट भारतीय रेलवे की महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है, इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत ट्रेन को बाहर से खूबसूरत बनाने के साथ कोचों के भीतर से आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाता है। इससे कोच में प्रवेश करते ही उसकी खूबसूरती देखकर यात्री का दिल खुश हो जाएगा। ‘प्रोजेक्ट उत्कृष्ट’ में कोच के प्रवेश द्वार क्षेत्र (गैंगवे) एवं टॉयलेट में आकर्षक चित्रकारी की जाती है। टॉयलेट को एपोक्सी फ्लोरिंग से सजाया  जाता है। प्रवेश द्वार के पास गाड़ी का प्रिंटेड टाइम टेबल लगाया जाता है। एकीकृत सूचना बोर्ड लगाया जाता है। कोचों एवं टॉयलेट में दुर्गंध को नियंत्रित करने को दुर्गंध नियंत्रण प्रणाली लगाई जाती है।

केन्द्र में मोदी सरकार आने के बाद रेलवे पर काफी  ध्यान दिया जा रहा है। प्रोजेक्ट उत्कृष्ट लगभग 400 करोड़ की योजना है, जिससे भारतीय रेलवे की सूरत बदलना है। आज भले ही ट्रेनों में प्लेन जैसे टॉयलेट लगाए जा रहे हैं लेकिन इसकी सुविधा काफी समय बाद मिली है। साल 1909 से पहले ट्रेनों में टॉयलेट की सुविधा नहीं होती थी।

भारतीय रेलवे, एशिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्क  के रूप में जाना जाता है। यह दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा नेटवर्क है जो एक ही मैनेजमेंट के अंतर्गत चलाया जा रहा है। रेलवे के लिए देश में 115,000 किमी के ट्रैक बनाए जा चुके हैं। हर दिन करीब 12,617 ट्रेनों पर 23 लाख यात्री सफर करते हैं। भारतीय रेल ट्रैक की कुल लंबाई 64 हजार किलोमीटर से ज्यादा है।