राहुल गांधी को मानहा’नि मु’कदमें में सूरत अदालत से राहत, कोर्ट में व्यक्तिगत उपस्थिति से मिली छूट

New Delhi: कांग्रेस नेता राहुल गांधी को मंगलवार को गुजरात की एक अदालत ने मा’नहानि के एक मुकदमें में व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट दी गई थी। एक विधायक द्वारा उनकी “मोदी उपनाम” पर की गई टिप्पणी पर दायर मा’नहानि के मु’कदमे में अदालत ने राहुल गांधी को राहत दी है। अदालत ने मा’मले को 10 अक्टूबर तक सुनवाई के लिए आगे बड़ा दिया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बी एच कपाड़िया की अदालत ने पिछले हफ्ते गांधी को समन जारी किया था।

इस मा’मले में पाया गया कि भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 500 के तहत उनके खिलाफ आप’राधिक मान’हानि का मा’मला दर्ज किया गया था। मंगलवार को जब यह मा’मला सुनवाई के लिए आया, तो गांधी के वकील किरीट पानवाला ने यह कहा कि उनके मुवक्किल को कुछ दिन पहले ही सम्मन मिला था। उनके लिए व्यक्तिगत रूप से इतने कम नोटिस पर पेश होना मुश्किल था। अदालत ने गांधी को व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट दे दी और अगली सुनवाई 10 अक्टूबर को रखी।

अदालत ने इससे पहले 16 अप्रैल को बीजेपी विधायक पूर्णेश मोदी द्वारा IPC धारा 499 और 500 के तहत आपराधिक मानहानि की एक शिकायत पर राहुल गांधी को समन जारी किया था। अपनी शि’कायत में, सूरत-पश्चिम सीट के विधायक ने दावा किया कि गांधी ने अपनी टिप्पणी से पूरे मोदी समुदाय को ब’दनाम किया था। उन्होने कहा कि “कैसे सभी मोदी उपनाम वालों को चो’र कहा जा सकता है।”

विधायक 13 अप्रैल को कर्नाटक के कोलार में एक चुनावी रैली का जिक्र कर रहे थे, जहां गांधी ने पूछा, “नीरव मोदी, ललित मोदी, नरेंद्र मोदी… इन सभी के पास उपनाम के रूप में मोदी कैसे हैं? सभी चोरों का उपनाम मोदी कैसे है? ”

पिछले हफ्ते, अहमदाबाद जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष अजय पटेल द्वारा दायर एक अन्य आपरा’धिक मानहा’नि मामले में अहमदाबाद की अदालत ने राहुल गांधी के खि’लाफ समन जारी किया था। इससे पहले कांग्रेस नेता के ट्वीट पर अहमदाबाद बैंक के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।अहमदाबाद में आ’पराधिक मान’हानि के एक अन्य माम’ले में, पिछले सप्ताह एक मेट्रोपॉलिटन अदालत ने केंद्रीय मंत्री अमित शाह को “ह’त्या का आ’रोपी” बताने पर गांधी को समन भेजा था।