चुनाव में अभिमन्यु बने राहुल का नहीं कांग्रेस कार्यसमिति का इस्तीफा होना चाहिए था: प्रमोद

New Delhi: राहुल गांधी ने आम चुनाव में मिली करारी हार की जिम्मेदारी लेते हुए पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। शनिवार को कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक में राहुल गांधी का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया। कार्यसमिति पर तंज कसते हुए पार्टी नेता आचार्य प्रमोद ने लिखते हैं – ‘2019 के महाभारत में राहुल गांधी अकेले अभिमन्यु की तरह जूझ रहे थे और कांग्रेस कार्यसमिति मौज मार रही थी, इसलिये इस्तीफ़ा “कार्यसमिति” का होना चाहिये था, लेकिन हुआ राहुल गांधी का’।

राहुल गांधी को 16 दिसंबर, 2017 को कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था। हार की जिम्मेदारी लेते हुए राहुल गांधी ने 25 मई को इस्तीफा दे दिया था जिसे शनिवार की बैठक में स्वीकार कर लिया गया। उनकी मां सोनिया गांधी को अंतरिम प्रमुख के रूप में नामित किया गया। सोनिया गांधी ने भी अंतरिम अध्यक्ष के लिए हामी भर दी है। नए अध्यक्ष के चुने जाने तक सोनिया गांधी इस पद पर बनी रहेंगी।

इस्तीफा स्वीकार करने के बाद कार्यसमिति ने कहा – हर एक कांग्रेसी निरंतर समर्थन और मार्गदर्शन के लिए राहुल गांधी की ओर देखता है। सीडब्ल्यूसी ने कहा कि जो लोग भारत के संविधान से प्रेम करते हैं उन सबके लिए राहुल गांधी आशा की किरण बनकर उभरे। हर एक कांग्रेसी निरंतर समर्थन और मार्गदर्शन के लिए राहुल गांधी की ओर देखता है। सीडब्ल्यूसी ने कहा कि जो लोग भारत के संविधान से प्रेम करते हैं उन सबके लिए राहुल गांधी आशा की किरण बनकर उभरे।