राहुल गांधी का PM मोदी पर वार, ‘चौकीदार’ ने SC के एक न्यायमूर्ति को बनाया था ‘कोर्ट-पुतली’

NEW DELHI: सुप्रीम कोर्ट ले रिटायर जस्टिस कुरियन जोसेफ ने 12 जनवरी को की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस के बारे में बयान दिया। अपने बयान में जस्टिस कुरियन जोसेफ कहा कि उन्हें 12 जनवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस इसलिए करनी पड़ी क्योंकि ऐसा महसूस हो रहा था कि तत्कालीन चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा को कोई बाहर से कंट्रोल कर रहा था। इस बयान को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर वार किया।

Justice Kurian Joseph

पीएम मोगी पर हमला करते हुए राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा कि ‘चौकीदार’ ने सुप्रीम कोर्ट के एक न्यायमूर्ति को ‘कोर्ट-पुतली’ बना लिया था। ‘चौकीदार’ का दुर्भाग्य है कि देश में ईमानदार जजों की कमी नहीं है। जिनके लिए सत्य हमेशा सत्ता से बड़ा होता है। वे सत्ता के दंभ को सत्य पर हावी होने नहीं देते। देश को ऐसे जजों पर गर्व है।

टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में कुरियन जोसेफ ने कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस उन्हें इसलिए करनी पड़ी क्योंकि ऐसा महसूस हो रहा था कि चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा को कोई बाहर से कंट्रोल कर रहा था और वे राजनीतिक पक्षपातपूर्ण के साथ जजों को मामले आवंटित कर रहे थे। जब जोसेफ से पूछा गया कि दीपक मिश्रा को मुख्य न्यायधीश के पद मिलने के 4 महीने बाद ही क्या गलत हुआ था, इसका जवाब देते हुए कहा कि उच्चतम न्यायालय के कामकाज पर बाहरी प्रभावों के कई उदाहरण दिखे थे। जिनमें चुनिंदा जजों और सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट  के जजों की नियुक्ति के नेतृत्व में बेंचों के मामलों का आवंटन कर शामिल था।

गौरतलब है कि 12 जनवरी, 2018 को 4 जजों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इस दौरान उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की आजादी का सवाल उठाया था। जस्टिस कुरियन जोसेफ के अलावा जस्टिस चेलमेश्वर, जस्टिस लोकुर और जस्टिस रंजन गोगोई भी शामिल थे। प्रेस कॉन्फ्रेंस में जज लोया केस की स्वतंत्र जांच की भी अपील की गई थी। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के बारे में उन्होंने कहा कि जब हमें महसूस हुआ कि CJI को कोई बाहर से नियंत्रित कर रहा है, तो हम उनसे मिले और बात की। उन्होंने बताया कि प्रेस कॉन्फ्रेंस करने का आइडिया जस्टिस चेलमेश्वर का था, लेकिन अन्य तीन जज इस बात से सहमत थे।

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