देश की बेटी रागिनी ने तीरंदाजी में जीता गोल्ड, जन गण मन से गूंज उठा स्विटजरलैंड

New Delhi : मप्र तीरंदाजी अकादमी की रागिनी मार्काे ने पंजाब के सुखबीर सिंह के साथ मिलकर भारत काे वर्ल्ड यूथ अार्चरी चैंपियनशिप का स्वर्ण पदक जिता दिया है। यह पदक मिश्रित जूनियर टीम इवेंट में आया है।

भारतीय टीम ने फाइनल मुकाबले में स्विट्जरलैंड की एंड्रिया वलारो और जेने हुंसपर्गर की जोड़ी को 152-147 से हराकर टूर्नामेंट का अपना दूसरा पदक हासिल किया। वहीं कल

भारतीय तीरंदाज कोमालिका बारी ने रविवार को यहां विश्व युवा तीरंदाजी चैंपियनशिप के रिकर्व कैडेट वर्ग के एकतरफा फाइनल में जापान की उच्च रैंकिंग वाली सोनोदा वाका को हराकर स्वर्ण पदक हासिल किया। जमशेदपुर की टाटा तीरंदाजी अकादमी की 17 साल की खिलाड़ी कोमालिका अंडर-18 वर्ग में विश्व चैंपियन बनने वाली भारत की दूसरी तीरंदाज बनीं। उनसे पहले दीपिका कुमारी ने 2009 में यह खिताब जीता था।

विश्व तीरंदाजी से निलंबन लागू होने से पहले भारत ने अपनी आखिरी प्रतियोगिता में दो स्वर्ण और एक कांस्य पदक के साथ अभियान का समापन किया। इस महीने की शुरुआत में विश्व तीरंदाजी ने भारत को निलंबित करने का फैसला किया था। जिसके हटने तक अब कोई भी भारतीय तीरंदाज देश का प्रतिनिधित्व नहीं कर पाएगा। भारतीय तीरंदाजों ने इससे पहले मिश्रित जूनियर युगल स्पर्धा में स्वर्ण और जूनियर पुरुष टीम स्पर्धा में कांस्य जीता था।

इससे पहले ओलंपिक रजत पदक विजेता पीवी सिंधु ने BWF वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप के फाइनल में शानदार जीत दर्ज कर पहली बार इस खिताब को अपने नाम किया है। वह वर्ल्ड चैंपियनशिप जीतने वाली पहली भारतीय शटलर हैं। फाइनल मुकाबले में उन्होंने जापान की नोजुमी ओकुहारा को 21-7,21-7 से मात दी। शनिवार को हुए सेमीफाइनल मैच में उन्होंने चीन की चेन यु फी को 21-7, 21-14 से हराया। सिंधु ने सीधे सेटों में 39 मिनट के अंदर ही विपक्षी चीनी चुनौती को समाप्त कर दिया।