महाराष्ट्र में राजनीतिक गतिरोध के चलते तैनात की गई रेपिड एक्शन फोर्स

New Delhi: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने अपना इस्तीफा सौंप दिया है। इस्तीफा सौंपने के बाद अब शिवसेना-कांग्रेस-एनसीपी की मिली जुली सरकार बनने का रास्ता लगभग साफ साफ हो गया है। वहीं भाजपा को कल विधानसभा में फ्लोर टेस्ट देना है। इस स्थिति को देखते हुए एहतियातन राज्य में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

राज्य में कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए केंद्र ने राज्य में 12 कंपनियों और रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की एक महिला कंपनी को तैनात किया है। एएनआई के सूत्रों के मुताबिक, रविवार शाम से ही सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

सूत्रों ने यह भी पुष्टि की कि आरएएफ कंपनियों में से अधिकांश, जो केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के तहत आती हैं, को मुंबई में संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया है जहां राजनीतिक नेता निवास कर रहे हैं। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा, “राज्य में किसी भी कानून और व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए, गृह मंत्रालय ने RAF की 12 कंपनियां दी हैं, जो स्थानीय पुलिस को स्थिति बनाए रखने में मदद करेंगी। RAF की एक महिला कंपनी भी तैनात की गई है,”।

शिवसेना के संजय राउत का आया है जिन्होंने अगले 5 साल के मुख्यमंत्री के लिए पार्टी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे का नाम लिया है। मीडिया से बात करते हुए राउत ने कहा कि अजित दादा हमारे साथ हैं उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र के 5 साल के लिए मुख्यमंत्री होंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने आज आदेश दिया 27 नवंबर को शाम 5 बजे से पहले महाराष्ट्र विधानसभा में एक फ्लोर टेस्ट आयोजित किया जाए। शीर्ष अदालत ने फ्लोर टेस्ट का सीधा प्रसारण करने का भी आदेश दिया है। न्यायमूर्ति रमण की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों वाली पीठ ने शनिवार को तड़के महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी, मुख्यमंत्री फडणवीस और एनसीपी के अजीत पवार को उप-मुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाने के फैसले को चुनौती देने वाली तीन पक्षों की संयुक्त याचिका पर यह आदेश दिया है।