बिहार : पत्नी को तीन तलाक देने पर वायुसेना के रिटायर्ड अधिकारी गि’रफ़्तार

New Delhi : तीन तलाक़ कानून लागू होने के बाद देश भर में तीन त’लाक़ के कई मा’मले दर्ज़ हो रहे है। शुक्रवार को बिहार के पीरबहेर जिले में पुलिस ने भारतीय वायुसेना के एक रिटायर्ड अधिकारी मोहम्मद अली इमाम को अपनी पत्नी को ट्रि’पल तलाक देने के आ’रोप में गि’रफ्तार किया।

मोहम्मद अली की पत्नी ने बताया कि वह पिछले पिछले तीन महीने से अपने बहन के साथ रह रही हैं। शुक्रवार को मोहमद अली ने उसके घर पर पहुंचकर अपनी पत्नी को तीन तलाक देकर भा’गने की को’शिश की लेकिन महिला के परिवारों वालों ने मोहम्मद अली को प’कड़ कर लिया था। मामले की जांच कर रहे स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) रिजवान अहमद खान ने कहा, “हम इस मामले को देख रहे हैं। जांच जारी है।”

आपको बता दें 1 अगस्त को, राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद द्वारा मुस्लिम महिलाओं (विवाह पर अधिकारों का संरक्षण), विधेयक, 2019 को अपनी सहमति देने के बाद ती’न त’लाक़ देने वालो को इस का’नून के तहत अ’पराधी बना देता है। पति के लिए तीन साल की जेल की स’जा का प्रावधान करता है।

महिला अधिकार संरक्षण कानून 2019 बिल के मुताबिक एक समय में तीन तलाक देना अ’पराध है। इसलिए पुलिस बिना वारंट के तीन त’लाक देने वाले आ’रोपी पति को गि’रफ्तार कर सकती है। एक समय में तीन तलाक देने पर पति को तीन साल तक कै’द और जुर्माना दोनों हो सकता है। मजिस्ट्रेट कोर्ट से ही उसे ज’मानत मिलेगी। मजिस्ट्रेट बिना पी’ड़ित महिला का पक्ष सुने बगैर तीन तलाक देने वाले पति को ज’मानत नहीं दे पाएंगे।

तीन तलाक देने पर पत्नी और बच्चे के भरण पोषण का खर्च मजिस्ट्रेट तय करेंगे, जो पति को देना होगा। तीन तलाक पर बने कानून में छोटे बच्चों की नि’गरानी और रखावाली मां के पास रहेगी। नए कानून में समझौते के विकल्प को भी रखा गया है। हालांकि पत्नी के पहल पर ही समझौता हो सकता है लेकिन मजिस्ट्रेट की ओर से उचित शर्तों के साथ।