झारखंड के मंत्री हाजी हुसैन परिवार के साथ क्वारैंटाइन, बेटा शामिल हुआ था तबलीगी जमात में

New Delhi : झारखंड पुलिस की विशेष शाखा दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन तबलीगी जमात में शामिल लोगों के वापस लौटने पर पूरे राज्य में अलर्ट है। विशेष शाखा के एसपी ने देवघर के डीसी समेत संबंधित अधिकारियों को तबलीगी जमात में शामिल दो लोगों की सूची भेजकर अलर्ट किया और दोनों की मेडिकल जांच कराने का निर्देश दिया। इस क्रम में बुधवार को मधुपुर विधायक सह झारखंड के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हाजी हुसैन अंसारी के पुत्र तनवीरुल हसन और शहर के नबी बक्स रोड निवासी मोहम्मद अब्बास को स्थानीय प्रशासन ने थाने बुलाया। देर रात मंत्री हाजी हुसैन अंसारी को परिवार समेत क्वारैंटाइन के लिये कहा गया है।
इससे पहले दिन में मंत्री हाजी हुसैन अंसारी अपने बेटे मोहम्मद तनवीरुल हसन के साथ पहुंचे। उधर नबी बक्स रोड निवासी मो. अब्बास भी थाना पर पहुंचे। देवघर से आयी मेडिकल टीम के साथ अनुमंडल अस्पताल उपाधीक्षक डॉ सुनील कुमार मरांडी ने दोनों का ब्लड सैंपल लेकर जांच के लिए रिम्स, रांची भेज दिया। तनवीरूल हसन और मो. अब्बास को 14 दिनों के लिए क्वारेंटाइन पर भेजने का निर्देश दिया।
मंत्री हाजी हुसैन अंसारी के पुत्र तनवीरुल हसन ने कहा कि वर्ष 1993 में वह दिल्ली गए थे। फिर दोबारा दिल्ली नहीं गए हैं। प्रशासन ट्रेन, प्लेन आदि का डाटा निकालकर जांच करा ले। अफवाह फैलाकर गलत तरीके से परेशान किया जा रहा है। मेरे घर और दुकान में सीसीटीवी लगा हुआ है। प्रशासन पिछले एक महीने की रिकॉर्डिंग निकालकर जांच करा ले। मधुपुर में रहकर हर दिन आम लोगों से मिलता -जुलता रहता हूं। ऐसी विषम परिस्थिति में जब गरीबों की सहायता करने का वक्त है, तो मुझे 14 दिनों के लिए क्वारेंटाइन में रहने को कहा जा रहा है। इस कारण देवघर जिला के सभी अधिकारी परेशान हुए हैं। साजिश के तहत बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन हर तरह से जांच कराए, वह हर तरह की जांच में सहयोग करने को तैयार हैं।
मंत्री हाजी हुसैन अंसारी ने साफ कहा कि उनका पुत्र न तो दिल्ली गया है और न ही रांची। उनके बेटे के नाम का व्यक्ति और मोहम्मद अब्बास का जो नाम आया है, दोनों के समान नाम के व्यक्ति को पुलिस ने देवघर से भी पकड़ा है। उन्होंने साफ कहा कि उनके पुत्र का हजरत निजामुद्दीन तबलीगी जमात से कोई लेनादेना नहीं है। ब्लड सैंपल की जांच के बाद मामले की सच्चाई सामने आ जाएगी। उन्होंने कहा कि कहीं न कहीं खुफिया विभाग और प्रशासन को गलतफहमी हुई है।
देवघर सिविल सर्जन डॉक्टर कुमार विजय से बात करने पर उन्होंने बताया कि देवघर से 4 और मधुपुर से 2 लोगों को क्वारेंटाइन किया गया है, जिसमें मधुपुर के दाे लोगों का सैंपल भी दिया जा चुका है और उसे जांच के लिए भेजा गया है। देवघर के चार लोगों का सैंपल लेने के बाद उसे भी जांच के लिए भेजा जाएगा।

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