PV सिंधु के कोच ने खिलाड़ियों के लिए गिरवी रख दिया था अपना घर,बोले- आज मेरी खुशी का ठिकाना नहीं

NEW DELHI: बासेल स्विट्जरलैंड में बीडब्ल्यूएफ बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप-2019 जीतकर पीवी सिंधु ने इतिहास रचा दिया। बीडब्ल्यूएफ बैडमिंटन विश्व चैंपियनशिप में सिंधु के अब पांच पदक हो गए हैं। सिंधु ने इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही 2017 के फाइनल में आकुहारा से मिली हार का हिसाब भी बराबर कर लिया।

सिंधु की इस सफलता के पीछे भारत की नेशनल बैडमिंटन टीम के कोच पुलेला गोपीचंद की मेहनत भी मानी जाती है। पुलेला अकादमी में ट्रेनिंग लेने वाले सायना नेहवाल, पीवी सिंधु, किदांबी श्रीकांत जैसे बैडमिंटन खिलाड़ी हर ओर से सुर्खियां बटोर रहे हैं। हालांकि, एक समय ऐसा भी था जब इन खिलाड़ियों को सुविधाएं देने के लिए गोपीचंद ने अपना घर गिरवी रख दिया था। गोपीचंद ने कहा कि इन खिलाड़ियों की जीत से मिलने वाली खुशी ही उन्हें कहीं ओर से नहीं मिल सकती।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत के ऑल इंग्लैंड बैडमिंटन चैंपियन गोपीचंद ने 2003 में गाचीबावली के सरकारी स्टेडियम में कोचिंग शुरू की थी। उस समय उनके पास फंड बिल्कुल भी नहीं था। उस दौरान, परुपल्ली कश्यप, पीवी सिंधु, सायना नेहवाल, बी सुमित रेड्डी, एन सिक्की रेड्डी, गुरुसाई दत्त, बी साई प्रणीत जूनियर खिलाड़ी थे।


गोपीचंद ने कहा, “मैं यह नहीं कहूंगा कि मैंने जो किया इन बच्चों के लिए किया। मैंने यह स्वयं के लिए भी किया। कोचिंग के शुरुआती दौर में इनकी जीत से जो सुख मुझे मिलता था, वह शानदार था। मैं यह हमेशा से सुनते हुए आया था कि भारतीय खिलाड़ी अच्छे नहीं है और किस प्रकार से भारतीय अच्छे बैडमिंटन खिलाड़ी नहीं बन सकते। मेरे लिए इस कथन को गलत साबित करना ही सबसे बड़ी चुनौती थी।

कोच गोपीचंद ने कहा, “मेरे लिए जीतना और इन बच्चों के लिए बड़े अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंट जीतना बेहद महत्वपूर्ण था। मैं आज जब पीछे मुड़कर देखता हूं, तो उन सभी चीजों को देखकर हैरान हो जाता हूं, जो मैंने इनके लिए की थी। मैंने जो किया वह अविश्वसनीय था। मैं पांच से छह घंटे तक अभ्यास करता था और उसके बाद फंड के लिए कॉर्पोरेट हाउसों के चक्कर काटता था, जहां से मुझे न ही मिलती थी। मैं फिर शाम को कोचिंग के लिए अकादमी पहुंच जाता था। मुझे नहीं पता कि मेरी अपनी जेब से कितना पैसा गया है, लेकिन जो सुख मुझे इनकी जीत से मिलता था, वो किसी ओर चीज से नहीं मिलता था।