महाराष्ट्र: नेता जी कुर्सी के लिए कर रहे जोड़-तोड़, इधर बारिश से पीड़ित किसान मांग रहे अपना हक

New Delhi: महाराष्ट्र में जिन नेताओं ने जनता से हाथ जोड़ कर ये आग्रह किया था कि हमें वोट दिजीए, वही नेता आज जब जीत गए तो सरकार बनाने के नाम पर सिर्फ नाटक कर रहे हैं। वोट पड़ने के 20 दिन बाद इतने हंगामे और राजनीतिक जोड़ तोड़ के बाद महाराष्ट्र की जनता को मिला भी तो राष्ट्रपति शासन। आम जनता तो इस स्थिति को सह भी ले लेकिन वो किसान किससे गुहार लगाएं जिनकी फसलें बेमौसम बारिश के कारण बर्बाद हो गई हैं। गुरूवार को किसानों ने अपनी इन्हीं समस्या को सत्ता तक पहुंचाने के लिए मुंबई में राजभवन के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। अपना हक मांग रहे इन किसानों को पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देकर हिरासत में भी ले लिया।

राजभवन के बाहर प्रदर्शन कर रहे एक किसान ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया “बारिश की वजह से हमने भारी नुकसान को झेला है। नासिक में हमारी सारी फसल बेमौसम बारिश की वजह से बर्बाद हो गई है। प्याज और अंगूर की फसलें बुरी तरह से प्रभावित हुई हैं। हम फसल के नुकसान के कारण यहां विरोध कर रहे हैं। सरकार अभी भी फसल नुकसान पर हमारी दलीलों को सुनने के लिए राजी नहीं है,”।

एक दूसरे किसान विनोद ने कहा, “बेमौसम बारिश के कारण, हमें फसल के नुकसान का सामना करना पड़ा है। हम मांग करते हैं कि राज्यपाल हमें हमारे नुकसान के लिए मुआवजा दे। यह राज्यपाल की जिम्मेदारी है कि वे किसानों की देखभाल करें।” बता दें महाराष्ट्र में भारी बारिश से नासिक और उसके आस-पास के इलाकों में किसानों को भारी नुकसान हुआ है।

सियासी खींचतान का आज अंत हो गया है। राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद के अनुमोदन के बाद महाराष्ट्र राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू हो गया है। बता दें कि महाराष्ट्र चुनाव के नतीजों के 19 दिन बाद महाराष्ट्र में लगा राष्ट्रपति शासन लागू किया गयै है।

बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में बीजेपी को सबसे बड़ी पार्टी उभरकर सामने आने की वजह से सरकार बनाने का आमंत्रण मिला है। राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने बीजेपी को सरकार बनाने का न्योता दिया है। 21 अक्टूबर को 288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा के लिए हुए चुनावों में बीजेपी ने 105 सीटों, शिवसेना ने 56, राकांपा ने 54 और कांग्रेस ने 44 सीटों पर जीत दर्ज की थी।