पाकिस्तान सरकार के खिलाफ गिलगित-बाल्टिस्तारन में फूटा लोगों को गुस्सा, जमकर कर रहे नारेबाजी

NEW DELHI: पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर यानी POK के लोग पाकिस्तान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। गिलगित-बाल्टिस्तान में व्यापक-विरोध प्रदर्शन हुए है। प्रदर्शनाकारियों ने पाकिस्तान के खिलाफ जमकर नारे लगाए। यहां के लोगों मूलभूत और संवैधानिक अधिकारों की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी पाकिस्तान से पीओके और गिलगिट-बाल्टिस्तान छोड़ने और बुनियादी अधिकारों की मांग कर रहे हैं।

प्रदर्शनकारियों का कहना हैं कि इस प्रदर्शन के जरिए हम दुनिया को संदेश देना चाहते हैं कि इस तरह की गतिविधि को अब बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। प्रदर्शनकारियों ने पाक गतिविधियों की निंदा करते हुए संघर्ष जारी रखने की अपील की। प्रदर्शन के दौरान क्या कश्मीर सच में आजाद हैं और पीओके में बुनियादी मानवाधिकारों और सामाजिक अधिकारों की पुनस्थापना के बैनर दिखे।

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आपको बता दें कि इससे पहले 24 अक्टूबर को पीओके के लोगों ने लंदन में ब्लैक डे बनाया था। उन्होंने लंदन के पाक उच्चायोग के बाहर विरोध प्रदर्शन किया था। स्‍थानीय लोगों और व्‍यापारियों का कहना है कि 2012 में यहां एक एक्‍ट के तहत कई तरह के टैक्‍स लगाए गए। हर महीने करीब 10-12 हजार रुपये का टैक्‍स वसूला जाता है, पर इसके बदले उन्‍हें किसी तरह की सुविधाएं नहीं मिलतीं। लोगों ने पाकिस्‍तान पर सत्‍ता के दुरुपयोग के आरोप भी लगाए हैं।

गौरतलब है कि गिलगित-बाल्टिस्‍तान ही नहीं, पाकिस्‍तान के कब्‍जे वाले कश्‍मीर (PoK) में भी उसकी दमनकारी नीतियों के खिलाफ आवाज उठती रही है, जबकि पाकिस्‍तान के 4 प्रांतों में से एक बलूचिस्‍तान भी लंबे अरसे से अशांत रहा है। यहां भी लोगों ने सरकार पर उनकी आवाज को कुचलने का आरोप लगाया है। सरकार की दमनकारी नीतियों के कारण कई बलूच नेताओं ने विदेशों में शरण ले रखी है और वहां से अपनी गतिविधियां संचालित करते हैं।

आपको बता दें कि सन 1949 तक गिलगित-बाल्टिस्तान पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर का हिस्सा माना जाता रहा। लेकिन, 28 अप्रैल 1949 को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर सरकार के बीच कराची समझौता हुआ, जिसके तहत गिलगित के मामलों को सीधे पाकिस्तान की केंद्र सरकार के कब्जा कर लिया।