शनिदेव के 5 मंदिर जिनके दर्शन मात्र से दूर हो जाती हैं लोगों की परेशानियां

New Delhi : शनि देव के नाम मात्र से ही व्यक्ति के मन में डर बैठ जाता है हर कोई व्यक्ति शनिदेव के प्रकोप से बचना चाहता है जिसके लिए वह तरह-तरह के उपाय करता है और शनि महाराज की पूजा-अर्चना करता है जिससे शनि महाराज प्रसन्न हो जाएं और उनकी कृपा प्राप्त हो, ऐसा कहा जाता है कि जिस व्यक्ति के ऊपर शनि देव प्रसन्न होते हैं उसके जीवन में चल रही सभी समस्याएं दूर होती है।

अगर आप चाहते हैं कि आपके ऊपर शनिदेव की बुरी दृष्टि ना पड़े और आपको अपने हर कष्टों से छुटकारा प्राप्त हो तो आज हम आपको इस लेख के माध्यम से ऐसे 5 शनि मंदिरों के बारे में जानकारी देने वाले हैं जिसके दर्शन मात्र से ही सभी शनि दोषों से छुटकारा मिलता है और व्यक्ति के सभी कष्ट दूर होते हैं।

शनि मंदिर उज्जैन : मध्य प्रदेश की अध्यात्मिक राजधानी उज्जैन को मंदिरों की नगरी माना गया है सांवेर रोड पर प्राचीन शनि मंदिर भी यहां का प्रमुख दर्शनीय स्थल है अगर हम इस मंदिर की खासियत की बात करें तो यहां शनि देव के साथ-साथ अन्य नवग्रह भी मौजूद हैं इस मंदिर को नवग्रह मंदिर भी कहा जाता है इस मंदिर के दर्शन के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं जो व्यक्ति शनि के प्रकोप से प्रभावित होते हैं वह भी इस मंदिर के दर्शन के लिए आते हैं ऐसा माना जाता है कि इस मंदिर के दर्शन मात्र से ही शनि देव के सारे दोष दूर होते हैं और शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है।

कोकिलावन धाम शनि मंदिर :  दिल्ली से 128 किलोमीटर दूर उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में कोसीकला नाम की जगह पर सूर्यपुत्र शनि महाराज का मंदिर है शनिदेव के मंदिर के आसपास नंदगांव बरसाना और श्री बांके बिहारी का भी मंदिर है ऐसा माना जाता है कि इसकी परिक्रमा करने से व्यक्ति की सारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं मान्यता अनुसार यहां पर खुद भगवान श्री कृष्ण जी ने शनिदेव को दर्शन दिए थे और उनको यह वरदान दिया था कि जो मनुष्य अपनी सच्ची श्रद्धा और भक्ति के साथ इस वन की परिक्रमा करेगा उसको शनि कभी किसी प्रकार का कष्ट नहीं देंगे।

शनिश्चरा मंदिर ग्वालियर : शनि देव का यह मंदिर मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में स्थित है भारत के पुराने शनि मंदिरों में से यह भी एक मंदिर है यह शनि पिंड भगवान हनुमान ने लंका से फेंका था जो यहां पर आकर गिरा था तभी से शनिदेव इसी स्थान पर स्थापित है इस मंदिर में शनिदेव को तेल अर्पित करने के पश्चात उनके गले मिलने की प्रथा भी है जो भी श्रद्धालु इस मंदिर में आता है बड़े ही प्यार से शनि देव के गले मिलकर अपनी तकलीफों को उनके साथ बांटता है ऐसा कहा जाता है कि ऐसा करने से शनि देव उस व्यक्ति की सारी तकलीफें दूर करते हैं।

शनि शिंगणापुर :  महाराष्ट्र के शिंगणापुर नामक गांव में शनि देव का एक बहुत ही खास मंदिर स्थित है यह मंदिर महाराष्ट्र के अहमदनगर से करीब 35 किलोमीटर दूरी पर स्थित है इस मंदिर की खासियत यह है कि यहां पर शनिदेव की प्रतिमा खुले आसमान के नीचे है इस मंदिर में कोई छत नहीं है इसके साथ ही इस गांव में किसी भी घर में ताला नहीं लगाया जाता है ऐसा माना जाता है कि यहां के सभी घरों की रक्षा स्वयं शनिदेव करते हैं।