UP पुलिस पर प्रियंका गांधी का बड़ा आरोप, कहा-मेरा गला दबाया, धक्का देकर गिराया

New Delhi : कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी शनिवार को लखनऊ में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन करने पर गिरफ्तार किए गए दो पूर्व आईपीएस अफसरों से मिलने पहुंचीं। प्रियंका का आरोप है कि पुलिस ने मुझे रास्ते में रोक दिया। इस दौरान एक महिला पुलिसकर्मी ने उन्हें धक्का देकर गिरा दिया और मेरा गला दबाया।

इससे पहले प्रियंका ने कांग्रेस के 135वें स्थापना दिवस के मौके पर पार्टी मुख्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। जब प्रियंका रिटायर्ड आईपीएस सदक जफर से नहीं मिल पाईं तो वे प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार हुए एक अन्य पूर्व आईपीएस एसआर दारापुरी से मुलाकात करने गईं। प्रियंका ने खुद को रोके जाने पर कहा कि मुझे सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए रोका गया। ये एसपीजी का मुद्दा नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश पुलिस का है।

इससे पहले प्रियंका ने कांग्रेस के 135वें स्थापना दिवस पर पार्टी मुख्यालय में कहा कि सीएए और एनआरसी के विरोध में दूसरी पार्टियां खुलकर नहीं बोल रहीं, वे सरकार से डर रही हैं। देशभक्ति के नाम पर लोगों को डराया जा रहा है, लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं। अकेले भी रहेंगे तब भी आवाज बुलंद करेंगे। जो देशभर में एनआरसी की चर्चा फैलाते हैं, आज कहते हैं कि इस पर कोई चर्चा ही नहीं हुई थी। ये देश आपको (सरकार) पहचान रहा है, आपकी कायरता को पहचान रहा है और आपके झूठों से ऊब चुका है।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी आज लखनऊ दौरे पर हैं। स्थापना दिवस के मौके पर प्रियंका ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (NRC) पर मोदी सरकार और राज्य की अन्य विपक्षी पार्टियों का मुखर विरोध किया। कार्यक्रम के बाद प्रियंका गांधी पूर्व आईपीएस अधिकारी एसआर दारापुरी के परिवार से मिलने के लिए निकलीं। लेकिन लखनऊ पुलिस ने 1090 चौराहे पर उनका काफिला रोक लिया।

जिसके बाद प्रियंका गांधी पैदल जाने लगीं और उसी दौरान पुलिस ने उनके साथ बदसलूकी भी की। बाद में पुलिस बैकफुट पर आ गई और उसने प्रियंका गांधी को दारापुरी के परिवार से मिलने की इजाजत दे दी । हालांकि प्रियंका एक स्कूटी पर जाती नजर आईं। जिस वक्त कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी का काफिला रोका गया तो उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, “हमें सड़क पर रोकने का कोई मतलब नहीं है। यह एसपीजी का नहीं बल्कि यूपी पुलिस का मुद्दा है।”