आज संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद

New Delhi: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद आज संसद के संयुक्त सत्र को सम्बोधित करेंगे।

भारतीय संविधान के अनुसार नई लोकसभा के पहले सत्र में राष्ट्रपति संसद के दोनों सदनों को सम्बोधित करते हैं। इसी आधार पर आज सुबह 11 बजे राष्ट्रपति कोविंद संसद के संयुक्त अधिवेशन को सम्बोधित करेंगे। संयुक्त अधिवेशन संसद के सेंट्रल हॉल में किया जाएगा। राज्यसभा का सत्र भी आज से शुरु हो रहा है, जो 26 जुलाई तक चलेगा।

आज राष्ट्रपति नई सरकार की भावी योजनाओं और उनके एजेंडे को आज देश के सामने रखेंगे। PM मोदी 2022 तक नए भारत का उदय करना चाहते हैं। मोदी के इस नए भारत को साकार करने के लिए राष्ट्रपति इसकी रुपरेखा आज देशवासियों के सामने रख सकते हैं। नए भारत के लिए कृषि, सुरक्षा, रोजगार और विदेश नीति जैसे कई अहम मुद्दों को राष्ट्रपति कोविंद अपने अभिभाषण में शामिल करेंगे।

जैसे ही राष्ट्रपति का अभिभाषण समाप्त हो जाएगा उसके आधे घंटे बाद दोनों सदन फिर बैठेंगे । इसके बाद दोनों सदनों की कार्यवाही शुक्रवार तक के लिए स्थगित हो जाएगी।

इस सत्र में मोदी सरकार के सामने क्या है चुनौतियाँ-

मोदी सरकार के सामने संसद में कई चुनौतियां हैं। लोकसभा में तो नरेंद्र मोदी के पास बहुमत है लेकिन राज्यसभा में उनके पास बहुमत नहीं है। पिछले कार्यकाल के दौरान भी राज्यसभा में बहुमत न होने के कारण मोदी सरकार के कई महत्वाकांक्षी बिल पास नहीं हो पाए थे। जिनमें भूमि अधिग्रहण बिल, तीन तलाक बिल, मोटर वाहन बिल, एनआरसी बिल महत्वपूर्ण है।

माना जा रहा है कि सरकार इसी संसद सत्र के दौरान एक बार फिर से तीन तलाक बिल को पेश कर सकती है। इस बिल को लेकर विपक्ष सरकार को घेरता आया है और इसका विरोध करता आया है। ऐसे में जब राज्यसभा में अभी भाजपा के पास बहुमत नहीं है तो इस बिल को राज्यसभा में पास कराना सरकार के लिए बेहद मुश्किल होगा।

नागरिकता बिल को लेकर भी विपक्ष भाजपा पर कई सवाल खड़ें करता आया है और उसपर सांप्रदायिकता का आरोप लगाता आया है। ऐसे में इस बिल को भी पेश कराना सरकार के लिए चुनौती होगी।

पिछले कार्यकाल के दौरान इन बिलों को पास कराने की मोदी सरकार ने पूरी कोशिश की थी लेकिन राज्यसभा में उसे विपक्ष का कड़ा विरोध का सामना करना पड़ा था। इस बार भी कमोबेश वहीं स्थिति है। कम से कम एक साल तक भाजपा को राज्यसभा में बहुमत नहीं है। अगले साल यानी 2020 में राज्यसभा में कई सीटें खाली होंगी। जिनमें से भाजपा कई सीटें जीत सकती है।