तीन तलाक और निकाह हलाला जैसे प्रथाओं का खत्म होना बेह्द जरूरी: राष्ट्रपति कोविंद

New Delhi: राष्ट्रपति ने संसद के संयुक्त अधिवेशन को सम्बोधित करते हुए कहा कि तीन तलाक के बारे में महत्वपूर्ण बात कही। 

कोविंद ने अपने अभिभाषण में कहा कि देश की हर बेटी के लिए यह जरूरी है कि भारत से तीन तलाक और निकाह ह’लाला जैसी कु’प्रथाओं को ख’त्म किया जाएं। तभी हमारे देश में बेटियां प्रगति कर पाएंगी।

राष्ट्रपति ने सभी सांसदों से अनुरोध कर कहा कि हमारी बहनों और बेटियों के जीवन को और सम्मानजनक एवं बेहतर बनाने वाले इन प्रयासों में आप भी अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।

साथ ही कहा कि ‘राष्ट्रीय आजीविका मिशन’ के तहत ग्रामीण अंचलों की 3 करोड़ महिलाओं को अब तक 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक का ऋण दिया जा चुका है। महिलाओं की स्तिथि अब भारत में बेहतर हो रही है। महिला मतदाताओं का मत प्रतिशत भी पहले की तुलना बढ़ा है।  इतिहास में पहली बार लोकसभा में 78 महिला सांसद चुनकर संसद तक पहुंची है ये गर्व की बात है।

साथ ही भारत की जनता को धन्यवाद देते हुए उन्होंने कहा,’भारत की जनता को मैं धन्यवाद देता हूँ कि उन्होंने स्पष्ट जनादेश दिया है। साथ ही रामनाथ कोविंद ने कहा, ‘देश के 61 करोड़ से अधिक मतदाताओं ने मतदान कर, एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है और दुनिया में भारत के लोकतंत्र की साख बढ़ाई है। इस बार महिलाओं ने पहले की तुलना में अधिक मतदान किया है और उनकी भागीदारी पुरुषों के लगभग बराबर रही है। करोड़ों युवाओं ने पहली बार मतदान करके भारत के भविष्य निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस चुनाव की सफलता के लिए सभी मतदाता बधाई के पात्र हैं। चुनाव आयोग को भी चुनाव निष्पक्ष एवं सफलता पूर्वक कराने के लिए बधाई देता हूँ।’