राष्ट्रपति ने महात्मा गांधी और गुरू नानक जी को बताया भारत के मार्गदर्शक महापुरूष

New Delhi: 73 वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद आज राष्ट्र को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने भारत के दो महान मार्गदर्शक महात्मा गांधी और गुरू नानक देव को याद करते हुए उनके बारे में अपने विचार देश से साझा किए। राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने महात्मा गांधी को याद करते हुए कहा कि हम एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में 72 वर्ष पूरे कर रहे हैं। अब से कुछ हफ्तों में, 2 अक्टूबर को, हम अपने राष्ट्र को आजाद कराने के सफल प्रयास के मार्गदर्शक, हमारे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती मनाएंगे।


राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने गुरू नानक देब जी को याद करते हुए कहा कि भारत सबसे महान, बुद्धिमान और सबसे प्रभावशाली भारतीयों में से एक गुरु नानक देव जी की इसी साल 550 वीं जयंती है। वह सिख धर्म के संस्थापक थे, लेकिन जो श्रद्धा और सम्मान उन्होंने दिया वह हमारे सिख भाइयों और बहनों के साथ-साथ पूरे देश के लिए है।

इसके अलावा उन्होंने देश के नाम इस संबोधन में राष्ट्रपति कई अहम मुद्दों पर अपनी बात रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में किए गए हालिया बदलावों से उन क्षेत्रों को काफी लाभ होगा। वे देश के बाकी हिस्सों में अपने साथी नागरिकों के समान अधिकारों, समान विशेषाधिकारों और समान सुविधाओं का उपयोग और आनंद ले सकेंगे।

उन्होंने देश को संबोधित करते हुए आगे कहा कि मुझे विश्वास है कि समाज के अंतिम व्यक्ति के लिए भारत, अपनी संवेदनशीलता बनाए रखेगा; भारत, अपने आदर्शों पर अटल रहेगा; भारत, अपने जीवन मूल्यों को सँजोकर रखेगा और साहस की परंपरा को आगे बढ़ाएगा। राष्ट्रपति ने कहा कि भारत युवाओं का देश है। हमारे युवाओं की ऊर्जा खेल से लेकर विज्ञान तक और ज्ञान की खोज से लेकर सॉफ्ट स्किल तक कई क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा बिखेर रही है।