उत्तराखंड कांवड़ मेला की तैयारियां जोरों पर, कांवड़ियों पर हेलीकॉप्टर से बरसाए जाएंगे फूल

New Delhi: अब सावन का महींना आने में ज्यादा दिन शेष नहीं हैं। सभी मंदिरों में भगवान भोलेनाथ की साज- सज्जा की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। उत्तराखंड में भी कांवड़ मेले की जोरदार तैयारियां हो रही हैं। यह कांवड़ यात्रा सावन के पहले दिन 17 जुलाई से शुरू होगी। इस बार उत्तराखंड प्रशासन भी कांवड़ियों और श्रद्धालुओं का पूरा ध्यान रख रहा है।  प्रशासन की तरफ से इस बार यह निर्णय लिया गया है कि कांवड़ियों का स्वागत उत्तर प्रदेश की तर्ज पर किया जाएगा।  कांवड़ श्रद्धालुओं पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की जाएगी।

प्रदेश सरकार इस बार के कांवड़ मेले को पूरी तरह से यादगार बनाना चाहती है। वह यात्रा शुरू होने से पहले सभी तैयारियां पूरी कर लेना चाहती है। इसके लिए बुधवार को कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने सीसीआर सभागार में बैठक कर सारी जानकारी ली। इस बैठक में यह निर्णय लिया गया कि हरकी पैड़ी के अलावा दूसरे प्रदेशों से यात्रियों के आने वाले रूटों पर भी पुष्प वर्षा की जाएगी। पुष्प वर्षा कई दिन तक होगी।

इस दौरान सतपाल महाराज ने यह निर्देश दिया कि सात फीट से ऊंची कांवड़ लाने पर प्रतिबंध लगाया जाए क्योंकि इतनी ऊंची कांवड़ के बिजली के तारों में फंसने की आशंका रहती है। जिससे दुर्घटना भी हो सकती है। इसलिए कोई भी भक्त सात फीट से ऊंची कांवड़ नहीं ले जा सकेगा। इसके अलावा इतनी ऊंची कांवड़ के हरिद्वार में बनने पर रोक लगाई जाए।

इसी दौरान यह भी निर्देश दिए गए कि कांवड़ पटरी पर पीने के पानी, शौचालय और चिकित्सा की व्यवस्थाएं समय पर पूरी की जाएं। इसके अतरिक्त गंगा घाटों की सफाई की जाए। हरकी पैड़ी सहित हरिद्वार नगर में पालीथिन के प्रयोग पर रोक लगाई जाए। उन्होंने जीआरपी के अधिकारियों से कहा  कि कांवड़ यात्रा के दौरान चलने वाली सभी ट्रेनों का प्लेटफार्म नंबर, समय आदि किसी भी प्रकार की सूचना समय से  जारी की जाए। अचानक किए जाने वाले बदलाव से रेल से आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है और माहौल खराब होता है।