70 साल बाद आज रामलला को 56 भोग लगेगा, 100 एकड़ में श्रीरामलला शहर की तैयारी

New Delhi : बरसों से चल रहा इंतजार अब खत्म हो रहा है। 9 फरवरी के पहले केंद्र सरकार राममंदिर ट्रस्ट का गठन कर देगी। इसी साल 2 अप्रैल को रामनवमी पर मंदिर निर्माण शुरू होने की उम्मीद है। खास बात यह है कि आज नए साल के पहले दिन रामलला को 56 तरह के फल-मेवे और पकवान का भोग लगाया जाएगा।

विराजमान के मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास ने कहा कि अदालतों में मुकदमों के 70 साल चले दौर के बाद पहली बार रामलला को 56 भोग लग रहा है। आज उन्हें हरे रंग के नए वस्त्र पहनाने का दिन है।

साल के पहले दिन रामलला और हनुमानगढ़ी के दर्शन करने करीब 70 हजार से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचने की उम्मीद है। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद यहां रोज करीब 18 हजार लोग आ रहे हैं। पहले संख्या 10-12 हजार होती थी। यहां हर 15 दिन में दानपेटी खोली जाती है। इसमें चढ़ावा पहले से दोगुना होकर 6 लाख रुपए तक पहुंच गया है। अयोध्या के सभी होटल और धर्मशालाएं दो दिन पहले से ही फुल हैं।

मस्जिद के पैरोकार रहे इकबाल अंसारी ने भास्कर को बताया कि वो नए साल पर रामलला विराजमान के मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास से मिलेंगे। उनसे निवेदन करेंगे कि वे उनकी तरफ से रामलला से प्रार्थना करें कि जल्द से राम मंदिर निर्माण शुरू हो और देश में सुख-शांति रहे। इस बीच, श्रीरामलला विराजमान शहर के नए स्वरूप, ढांचागत सुविधाओं का खाका तैयार करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के अफसरों की टीम यहां बार-बार दौरा कर रही हैं। टीम के एक अफसर ने बताया कि श्रीरामलला विराजमान शहर का दायरा 100 एकड़ में होगा। आसपास के राजस्व ग्राम जुड़ जाएंगे। तिरुपति और वेटिकन की तर्ज पर इसे विकसित किया जाएगा। अयोध्या में 9 प्लेटफॉर्म वाला नया स्टेशन बनाने की योजना है।