संस्थान की संप्रभुता को कायम रखने का दायित्व चुनाव आयोग का है – प्रणब मुखर्जी

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने आज एक लिखित बयान जारी किया है। उन्होंने लिखा है कि ईवीएम की सुरक्षा और उसपर उठ रहे सवालों का जवाब देने की जिम्मेदारी चुनाव आयोग की है। उन्होंने लिखा – इस मामले में संस्थान की संप्रभुता को कायम रखने का दायित्व आयोग का है। आयोग को यह करना चाहिए और उठ रहे सारे विवाद को खत्म करना चाहिए। उन्होंने कहा ईवीएम से छेड़खानी की जो खबरे आ रही हैं मैं उससे चिंतित हूं।

आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव खत्म हो गए हैं। 7 वें चरण में हुए मतदान के बाद यूपी के गाजीपुर और चंदौली में ईवीएम की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हुए थे। जिसके बाद सभी विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग से इस पर संज्ञान लेने को कहा था। इस मामले में मंगलवार को विपक्षी दलों ने आयोग से मुलाकात भी की है।

सोमवार को एक कार्यक्रम में प्रणब दा ने कहा था कि चुनाव आयोग ने अब तक अच्छा काम किया है।

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आपको बता दें कि विपक्षी दल शुरु से ही आयोग पर पक्षपात करने का आरोप लगा रहा है। उनका आरोप है कि आयोग मोदी सरकार का पिट्ठू बलकर रह गया है। कुछ दिन पहले चुनाव आयोग के भीतर से ही काम करने के तरीकों को लेकर सवाल उठना शुरु हो गया था। मामला तब और बढ़ गया जब चुनाव आयुक्त अशोक लवासा ने मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा को चिट्ठी लिखकर आयोग की बैठकों में शामिल न होने की जानकारी दी। लवासा ने कहा कि उनकी आपत्तियों को दर्ज नहीं किया जा रहा है।

सुनील अरोड़ा ने इस विवाद पर कहा कि गलत समय में इसे उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा  था कि कोई भी चुनाव आयुक्त एक दूसरे को क्लोन नहीं है।