दिल्ली में बढ़ता जा प्रदूषण का कहर, EPCA ने बताई इसके पीछे की वजह

Pollution In Delhi

New Delhi:  दिल्ली और आसपास के इलाकों में प्रदूषण की गुणवत्ता लगातार गिरती जा रही हैं। एक बार फिर दिल्ली में वायु की गुणवत्ता में गिरावट दर्ज की गई। इस मामले पर ज्यादा जानकारी देते हुए पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण के अध्यक्ष भूरेलाल ने कहा कि आज दिल्ली में हवा की गुणवत्ता ‘poor’ श्रेणी में है। हवा की गति लगभग शून्य है, पार्टिकुलेट मैटर नहीं जा पा रहा है। इसलिए प्रदूषण भी खत्म नहीं हो रहा है, लेकिन आने वाले दिनों में स्थिति में सुधार होगा।

दरअसल राजधानी दिल्ली में बादल छाए रहना और तापमान में गिरावट है, जिसके कारण दिल्ली-एनसीआर में इनवर्जन लेयर बन रही है और ये प्रदूषक तत्व के बढ़ाने में मदद कर रहे हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, 28 दिसंबर के बाद न्यूनतम तापमान तीन डिग्री तक गिरने की संभावना है। कोहरे के कारण इस वजह से विमानों को उड़ान भरने में दिक्कत हुई। 80 उड़ानें देर से गईं।

Environment Pollution Control Authority Chairperson

बात करे अगर सबसे प्रदूषित शहर की तो प्रदूषित शहरों में गाजियाबाद देश में तीसरे और दिल्ली-एनसीआर में दूसरे नंबर पर रहा। गाजियाबाद का एक्यूआई 25 दिसंबर को 414 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। पीएम 10 में मामूली गिरावट रही। वहीं पीएम 2.5 करीब दो गुना से अधिक कम हो गया। प्रदूषण स्तर की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने साहिबाबाद की सभी फैक्ट्रियों का संचालन और निर्माण कार्य बंद कराने के आदेश दिए थे। जिसके बाद एक्यूआई में काफी गिरावट देखने को मिली।

प्रदूषित शहरों में जहां गाजियाबाद पहले नंबर पर था, वह अब तीसरे नंबर पर आ गया है। जबकि दिल्ली-एनसीआर में दूसरे नंबर पर है। दिल्ली एनसीआर में ग्रेटर नोएडा पहले नंबर पर रहा। वहां पर एक्यूआई 415 दर्ज किया गया जबकि आगरा देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा। यहां पर एक्यूआई 428 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। अधिकारियों की मानें तो 25 दिसंबर से ही तेज हवा चली। इसकी वजह से प्रदूषण स्तर में कमी आई।