खुद को चायवाला बोलकर मोदी ने आपको धोखा दिया है : अखिलेश यादव

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव कल योगी आदित्यनाथ की गढ़ गोरखपुर में चुनावी रैली कर रहे थे। योगी के मुख्यमंत्री बनने के बाद गोरखपुर की सीट खाली हुई। उपचुनाव में सपा और बसपा दोनों गठबंधन करके चुनाव लड़ी। जीत भी हुई। दोनों का गठबंधन अब भी चल रहा है। इस चुनाव में गठबंधन से गोरखपुर का सीट सपा के खाते में है। प्रत्याशी हैं रामभुआल निषाद। निषाद के लिए चुनावी रैली में कल अखिलेश ने कहा कि लोग खुद को चायवाला बोलकर आपको धोखा दिए। उनका इशारा प्रधानमन्त्री मोदी और भाजपा पर था। यादव ने आगे कहा कि जनता ने उन पर भरोशा किया। उनकी मदद की। लेकिन अब जनता ने केंद्र में पांच साल और राज्य में पिछले दो सालों से चाय का स्वाद ले लिया है? अब जनता धोखे में नहीं आने वाली।

वर्ष 2018 में पहली बार 1989 के बाद भाजपा को गोरखपुर से हार मिला था। योगी के लिए गोरखपुर की सीट बेहद प्रतिष्ठा की है, जिसे वह वापस पाना चाहते हैं। विपक्ष के लिए भी यह सीट कम नहीं है , करीब तीन दशक बाद 2018 के उपचुनाव में इस सीट को भाजपा से छीनने में उसे सफलता मिल पाई थी। गठबंधन के प्रत्याशी के रूप में 2018 के उपचुनाव में प्रवीण निषाद इस सीट से जीते थे । गठबंधन ने इस बार अपना उम्मीदवार बदल दिया है। प्रवीण निषाद की जगह राम भुआल निषाद को टिकट दिया गया है।

इस बार बीजेपी ने भोजपुरी स्टार रवि किशन को अपना उम्मीदवार बनाया है। रवि किशन गोरखपुर मठ से ताल्लुक नहीं रखते हैं। गोरखपुर संसदीय क्षेत्र के लोगों का मठ से जुड़ाव पुराना हैं। यही वजह है कि योगी के जाने के बाद बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा। जातिय  गणित और रवि का मठ से न होना उनके लिए मुश्किल खड़ा कर सकता है। गठबंधन के प्रत्याशी जिस जाति से आते हैं वहां उस जाति का प्रभाव अधिक है।