आरएसएस की राह पर कांग्रेस, पार्टी संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए नियुक्त करेगी प्रेरक

New Delhi: सोनिया गांधी की अगुवाई में कांग्रेस नेताओं की बैठक हुई। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती पर मेगा इवेंट की तैयारी के लिए इस बैठक का आयोजन किया गया था।  इस दौरान बैठक की ओर से यह फैसला किया गया कि पार्टी प्रेरक के रूप में कुछ लोगों की नियुक्ति की जायेगी।

प्रेरक पार्टी की विचारधारा और पार्टी के संदेशों को आगे बढ़ाने का काम करेंगे। पार्टी के बारे फैलाई जा रही झूठी ख़बरों को रोकने का भी काम प्रेरकों का होगा। यह ठीक आरएसएस के जैसा ही होगा। चुनावों के समय आरएसएस के कार्यकर्त्ता भाजपा के विचारों और उसके इतिहास को घर-घर पहुँचाते हैं।

प्रेरक कार्यकर्ताओं को पार्टी की विचारधारा और इतिहास के बारे में ‘प्रेरित और सूचित’ करेंगे, इसके अलावा उन्हें नियमित आधार पर जनता के साथ जुड़ने के लिए तैयार किया जाएगा।

कांग्रेस पार्टी के प्रेरकों का काम कांग्रेस के संगठन को मजबूत करना और कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देना होगा। न्यूज़ एजेंसी एएनआई के मुताबिक़ शुरुआत में प्रत्येक डिविजन (4-5 जिले) में 3 प्रेरकों की नियुक्ति होगी जिनमें 1 प्रेरक महिला और 1 प्रेरक अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अन्य पिछड़ा वर्ग या अल्पसंख्यक होना जरूरी है। प्रेरकों का चुनाव प्रदेश कांग्रेस कमेटी का मुख्य सचिव करेगा।

आपको बता दें कि सोनिया गांधी अंतरिम अध्यक्ष बनने के बाद यह पहली बैठक है। कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह और वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने महासचिवों, राज्यों के प्रभार, पीसीसी अध्यक्षों और सीएलपी नेताओं को संबोधित किया।