मंदी की मार झेल रही है बिस्कुट कंपनी Parle-G, निकाल सकती है अपने 10 हजार कर्मचारियों को

New Delhi : भारतीय लोगों की सबसे पसंदीदा और सुप्रसिद्ध बिस्कुट पारले-जी पर मंदी के बादल मंडरा रहे हैं। भारतीय इकोनॉमी की सुस्‍ती का असर इस कंपनी पर दिखने लगा है। इसी कारण आने वाले दिनों में यह कंपनी अपने 10 हजार कर्मचारियों को निकाल सकती है। देश में आर्थिक सुस्‍ती का दौर चल रहा है। ऑटो और टेक्‍सटाइल के बाद अब रिटेल सेक्‍टर में मंदी से लोगों की नौकरियों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। इसका प्रमुख कारण केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी बढ़ाने को भी माना जा रहा है।

दरअसल, GST लागू होने से पहले 100 रुपये प्रति किलो से कम कीमत वाले बिस्किट पर 12 फीसदी टैक्स लगाया जाता था। लेकिन सरकार ने दो साल पहले जब GST लागू किया तो सभी बिस्किटों को 18 फीसदी स्लैब में डाल दिया। इसका असर ये हुआ कि बिस्किट कंपनियों को इनके दाम बढ़ाने पड़े और इस वजह से बिक्री में गिरावट आ गई है।

इकोनॉमिक टाइम्स की खबर के अनुसार Parle-G अपने प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल में कमी की वजह से 10 हजार लोगों की छंटनी कर सकती है। कंपनी के केटेगरी हेड मयंक शाह के मुताबिक यह सुस्‍ती गुड्स एंड सर्विसेस टैक्‍स (जीएसटी) की वजह से आई है। मयंक शाह ने कहा, ”हम लगातार सरकार से बिस्किट पर जीएसटी घटाने की मांग कर रहे हैं। अगर सरकार ने हमारी बात नहीं मानी या कोई विकल्‍प नहीं बताया तो हमें मजबूरन 8 से 10 हजार लोगों की छंटनी करनी पड़ सकती है।”

इससे पहले ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज के मैनेजिंग डायरेक्टर वरुण बेरी ने भी बिक्री में गिरावट का जिक्र किया था। उन्‍होंने कहा था कि ग्राहक 5 रुपये के बिस्किट पैकेट भी खरीदने में कतरा रहे हैं। बेरी ने कहा था, ‘हमारी ग्रोथ सिर्फ 6 फीसदी हुई है। मार्केट ग्रोथ हमसे भी सुस्त है।’