बच्ची को चढ़ा एचआईवी पॉजिटिव ब्लड, मामला पहुंचा मानवाधिकार मंच

New delhi.तमिलनाडु के शहर कोयम्बटूर में एक दो साल की बच्ची को एचआईवी संक्रमित खून चढ़ाने का मामला प्रकाश में आया है। एचआईवी से संक्रमित होने की खबर के बाद जहां परिजन हताश-परेशान हैं वहीं उक्त सरकारी अस्पताल ने ईलाज में हुई गलती से अपना पल्ला झाड़ लिया है और मामले की जांच करने का आश्वानस दिय़ा है।

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सूत्रों के अनुसार बच्ची के परिजनों ने कोयम्बटूर शहर के एक सरकारी अस्पताल में अपनी दो साल की बच्ची को HIV पॉजिटिव खून चढ़ाने का आरोप लगाय है। परिजनों का आरोप है कि वे बच्चे का ईलाज करवाने के लिए दो साल पूर्व जुलाई में सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया था। इस दौरान अस्पताल द्वारा बच्ची को खून चढ़ाया गया। वहीं खून चढाने के तत्काल बाद इसका असर नहीं दिखा, लेकिन कुछ दिन बाद से खराब होती बच्ची की हालत देख परिजनों बच्ची को किसी नीजि अस्पताल में भर्ती कराया जहां खून जांच के बाद चिकिस्तकों ने बच्ची को HIV संक्रमित होना बताया। इस रिपोर्ट के आने के बाद बच्ची के परिवार वालों की पांव चले जमीन खिसक गई हैं। बाद में हताश-निराश परिजनों ने इसकी शिकायत अस्पताल प्रबंधन और सरकारी संगठनों से किया जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने इसकी जांच कराने का आदेश दिया वहीं प्रदेश का मानवाधिकार मंच भी मानले को गम्भीरता से लेते हुए इसकी जांच और परिवार वालों को न्याय दिलाने का भरोषा दिलाया है।
डीन ने आरोपों से किया इंकार
कोयम्बटूर गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अशोकन ने कहा कि यहां इलाज के दौरान बच्ची संक्रमित नहीं हुई है बल्की कहीं और इलाज के दौरान बच्ची को संक्रमण हुआ है। हम इन सभी आरोपो को खरिज करते है और हम प्रदेश द्वारा किसी भी तरह की जांच के लिए तैयार हैं। वहीं मानवाधिकार फोरम (CHRF) के अध्यक्ष वीपी सारथी ने कहा कि हम अस्पताल के सभी दस्तावेजों की जांच कर के बच्ची के परिजनों को न्याय और दोषिय़ों को सजा दिलवाने में मदद करेगें