Pankaj Udhas ने सात साल की उम्र से ही गाना शुरु कर दिया था,उनकी गज़लें लोगों की जुबान पर रहती हैं

 उनकी आवाज का जादू आज भी लोगों के सिर चढ़कर बोलता है। कभी ‘चिट्ठी आई है,आई है’ गाकर लोगों को भावुक कर दिया,तो कभी ‘सोने जैसा रंग है तेरा चांदी जैसे बाल’ गाकर लोगों को मंत्रमुग्ध कर देने वाले मशहूर गज़ल गायक Pankaj Udhas का आज जन्मदिन है। आज वह अपना 68वां जन्मदिन मनायेंगे। पिछले चार दशक से फिल्म जगत में Pankaj Udhas अपनी गायकी से लोगों का दिल जीत रहे हैं।

Pankaj Udhas का जन्म 17 मई 1951 को गुजरात के राजकोट के निकट जेटपुर में एक जमींदार परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम केशुभाई उधास और मां का नाम जीतूबेन उधास था।Pankaj Udhas के बड़े भाई मनहर उधास जाने माने पार्श्व गायक हैं और दूसरे बड़े भाई निर्मल उधास गज़ल गायक हैं। घर में संगीत का माहौल होने की वजह से  उनका भी झुकाव संगीत की ओर था। सिर्फ सात साल की उम्र से ही पंकज ने गाना शुरू कर दिया था।उनके शौक और योग्यता को उनके बड़े भाई मनहर उधास ने पहचान लिया और वे पंकज को अपने साथ संगीत से जुड़े कार्यक्रमों में लेकर जाने लगे। ऐसे ही एक कार्यक्रम में Pankaj Udhas को गाने का मौका मिला जहां उन्होंने ‘ऐ मेरे वतन के लोगो,ज़रा आंख में भर लो पानी’ गाकर वहां मौजूद सभी लोगों को भाव-विभोर कर दिया था। Pankaj Udhas राजकोट की संगीत अकादमी से भी जुड़े रहे।  बाद में अपने परिवार के साथ वो मुम्बई आ गए जहां के मशहूर सेंट जेवियर्स कॉलेज से उन्होंने स्नातक की पढ़ाई की।

Pankaj Udhas  ने पहली बार फिल्म कामना के लिए गाया । यह फिल्म तो असफल रही ही साथ ही Pankaj Udhas के गाने भी लोगों को पसंद नहीं आए। 1986 में आई संजय दत्त अभिनीत फिल्म ‘नाम’ Pankaj Udhas के कैरियर के लिए बहुत बड़ी फिल्म साबित हुई। इस फिल्म में उनके द्वारा गाई गई गज़ल  ‘चिट्ठी आई है,आई है’ लोगों की जुबान पर ऐसे चढ़ी कि फिर Pankaj Udhas ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। कहा जाता है कि इसको गाते-गाते Pankaj Udhas खुद भी रो पड़ते थे। इसके बाद Pankaj Udhas ने गंगा-जमुना-सरस्वती,साजन,फिर तेरी कहानी याद आई,मोहरा,मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी जैसी फिल्मों में अपनी आवाज का जादू बिखेरा।

Pankaj Udhas  ने ना सिर्फ फिल्मों में ही बल्कि खुद के एल्बम बनाकर भी अपनी आवाज का जादू बिखेरा। उनकी कुछ एल्बम आहट,नशा,महफिल,महक,रुबाी,नायाब और नाबील हैं जिन्हें बहुत पसंद किया गया।

Pankaj Udhas  को उनकी गायकी के लिए 2006 में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

kaushlendra

सामाजिक और राजनीतिक विषयों पर लिखने में दिलचस्पी है।गांधी जी का फैन हूँ।समाज में जागरुकता लाना उद्देश्य है।पत्रकारिता मेरा प्रोफेशन है,जुनून है और प्यार भी है।
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