आज ऑपरेशन ब्लू स्टार की 35 वीं वर्षगांठ है : स्वर्ण मंदिर के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है

New Delhi: पंजाब के अमृतसर में स्वर्ण मंदिर के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। आज ऑपरेशन ब्लू स्टार की 35 वीं वर्षगांठ है। पांच जून, 1984 की यह घटना आज़ाद भारत के इतिहास की सबसे चर्चित घटनाओं में से एक है। यह घटना देश के प्रधानमंत्री की ह’त्या का कारण बना। इसी को ध्यान में रखते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स कंपनियों और अर्धसैनिक बलों की कई कंपनियों को शहर भर में तैनात किया गया है।

भारतीय सेना ने 1984 में 1 जून से 8 जून के बीच ऑपरेशन ब्लू स्टार को अंजाम दिया था। तब की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने जरनैल सिंह भिंडरावाले सहित कई आतंकवादियों को बाहर निकालने के लिए सैन्य अभियान का आदेश दिया था। ये आतंकवादी हरमंदिर साहिब ( स्वर्ण मंदिर) में हथियार जमा कर रहे थे। अलग राज्य खालिस्तान की मांग को लेकर पंजाब में धीरे-धीरे आ’तंकवाद पनप रहा था। जिसके सफाए के लिए श्रीमती गांधी ने सेना को आदेश दिए, आ’तंकवाद तो ख़त्म हुआ लेकिन उनकी मौ’त का कारण भी यही बना। ऐसा कहा जाता है कि अलग राज्य खालिस्तान बनाने को लेकर पाकिस्तान मदद कर रहा था।

लेखक खुशवंत सिंह ने अपनी किताब ‘सिखों का इतिहास’ में लिखते हैं कि “सिखों में ‘अलग राज्य’ की कल्पना हमेशा से ही थी। रोज़ की अरदास के बाद गुरु गोविंद सिंह का ‘राज करेगा खालसा’ नारा लगाया जाता है। इस नारे ने अलग राज्य के ख्व़ाब को हमेशा जिंदा रखा। वो आगे लिखते हैं कि सिख नेताओं ने कहना शुरू कर दिया था कि अंग्रेज़ों के बाद पंजाब पर सिखों का हक है।  लेकिन आजादी के बाद हुए विभाजन ने उनकी ‘अलग राज्य’ की उम्मीदों को धूमिल कर दिया था”।