संसद के संयुक्त सत्र के बहिष्कार को मनमोहन सिंह ने ठहराया सही, कहा- यह संविधान का उल्लंघन नहीं

New Delhi: विपक्ष की ओर से संसद के संयुक्त सत्र का बहिष्कार करने पर पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह ने कहा है कि यह संविधान का उल्लंघन नहीं है। संविधान दिवस के अवसर पर आयोजित दोनों सदनों की संयुक्त बैठक का विपक्षी दलों ने बहिष्कार किया है। संसद में अंबेडकर प्रतिमा के सामने किया विरोध-प्रदर्शन भी किया गया है।

इस विरोध-प्रदर्शन को सही ठहराते हुए कांग्रेस नेता ने कहा है कि संवैधानिक मानदंडों के बारे में सभों को याद दिलाना जरूरी है। यह विरोध सभी को याद दिलाता है कि संवैधानिक मानदंडों का वर्तमान प्रतिष्ठान द्वारा उल्लंघन किया जा रहा है।

कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष ने महाराष्ट्र के राजनीतिक घटनाक्रम के विरोध में राष्ट्रपति के अभिभाषण का बहिष्कार किया है। संविधान दिवस के अवसर पर आज राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित किया है। उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी समारोह में शामिल हुए हैं।

वहीं महाराष्ट्र में सरकार बनाने की एनसीपी-शिवसेना-कांग्रेस की कवायद पर पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा है कि हम राज्य में सरकार में सक्षम हैं। मनमोहन सिंह ने आशा जताई है कि यह गठबंधन अपने इरादों में कामयाब होगा। साथ ही कहा है कि हम सभी सुप्रीम कोर्ट का सम्मान करते हैं, हमें उनके फैसले का सम्मान करना चाहिए।