राजस्थान में फिर उग्र हुआ गुर्जर आंदोलन, मुलाकात करने पहुंचा अधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल

New Delhi: आरक्षण को लेकर राजस्थान की तरफ से वार्ता का प्रस्ताव नहीं आने से गुर्जर समाज ने रेलवे ट्रैक पर उतरने का फैसला किया है। गुर्जर समाज राज्य सरकार से 5 फीसदी आरक्षण की मांग कर रहा है। राजस्थान में गुर्जर आंदोलन एक बार फिर उग्र होता नजर आ रहा है जिसके बाद अब अधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल उनसे मुलाकात करने पहुंचा है।

 

गुर्जरों से मिलने पहुंचा अधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल

गुर्जर समुदाय के आरक्षण से जुड़े आंदोलन की वजह से अब तक वेस्टर्न सेंट्रल रेलवे के कोटा डिविजन में सवाई माधोपुर -बयाना सेक्शन और निमोड़ा – मलारना ब्लॉक सेक्शन के बीच 14 ट्रेनें कैंसल किया जा चुका है। वहीं अब राज्य में एक बार फिर उग्र होते गुर्जर आंदोलन को देखते हुए अब अधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल उनसे मिलने पहुंचा है। जाहिर है गुर्जर आंदोलन उग्र होने से दिल्ली-मुंबई रुत पूरी तरह से प्रभावित हो गया है। अलावा 4 ट्रेनों को डायवर्ट कर दिया गया है। इसके अलावा वेस्टर्न सेंट्रल रेलवे के कोटा डिविजन में 7 ट्रेनों को डायवर्ट और 1 ट्रेन को कैंसल कर दिया गया है। इसके अलावा कुछ ट्रेनों की दूरी में भी बदलाव किया गया है। बता दें आरक्षण को लेकर गुर्जर समुदाय के विरोध के कारण ऐसा किया गया है।

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दिल्ली-मुंबई रूट प्रभावित

बता दें कि इससे पहले दिल्ली मुंबई रूट पर चलने वाली 22 ट्रेनें प्रभावित है। इनमें से दो ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है और बीस ट्रेनों को डायवर्ट किया गया है। वहीं यात्रियों के लिए हेल्पलाइन नंबर (0744-2467153, 0744-2467149) भी जारी कर दिया है। गुर्जरों ने सरकार को 20 दिन का अल्टीमेटम दिया था। सरकार की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं होने के बाद गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला की आगुवाई में आज महापंचायत हुई। गुर्जर समदाय राजस्थान में सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में 5 फीसदी आरक्षण देने की मांग की थी। राजस्थान के उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने राज्य सरकार और पार्टी गुर्जर आरक्षण के मुद्दे पर प्रतिबद्ध है और न्याय दिलाकर मानेगी।

(इनपुट : ANI)