योगी सरकार का बड़ा फैसला, अब शिक्षक बनने के लिए स्नातक में लाने होंगे 50% अंक

New Delhi : UP की राजधानी लखनऊ के लोकभवन में मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए। बैठक में शासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूल के शिक्षकों को नौकरी पाने के लिए स्नातक में 50 फीसदी अंक लाने के प्रस्ताव पर मुहर लगी। बैठक में 34 प्रस्तावों पर भी सहमति बनी।

बता दें कि अभी तक शिक्षक बनने के लिए ऐसी कोई अनिवार्यता नहीं थी। बैठक में नोएडा, ग्रेटर नोएडा में घर खरीदने वालों व बिल्डर्स को राहत देने वाले प्रस्तावों पर भी सरकार ने मुहर लगा दी।

मेगा प्रोजेक्ट वाली चार यूनिटों को 326 करोड़ का इंसेंटिव देने पर बनी सहमति। औद्योगिक नीति में बदलाव को मिली मंजूरी। बिल्डर्स के जो मामले सरकारी वजहों मसलन जमीन न मिलने, पॉलिसी में फंसे होने या ऑथरिटी के गलती से फंसे हैं, उनके लिए फंसी हुई अवधि ‘जीरो पीरियड’ मानी जाएगी। उनका इंट्रेस्ट माफ किया जाएगा। यह छूट उन्हीं बिल्डर को दी जाएगी, जो इसका फ़ायदा बायर्स को देंगे साथ ही जून 2021 तक पजेशन देंगे। गड़बड़ी करने वाले अफसरों पर कार्रवाई भी होगी।

नोएडा सेक्टर 71 से ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क तक 15 किमी मेट्रो लाइन को मंजूरी। बुनकरों को मिल रही बिजली सब्सिडी की नीति बदलेगी। करीब 850 करोड़ भार पड़ता था जबकि 150 करोड़ की सब्सिडी ही मिलती थी। 90 हजार कनेक्शन के लिए बजट प्रवाधान था जबकि 2.37 लाख कनेक्शन थे, जिनका काफी दुरुपयोग हो रहा था।नई नीति में एक एचपी पॉवरलूम को हर माह 240 यूनिट 3.50 रुपये में दिया जाएगा। 0.5 एचपी पर 120 यूनिट 3.50 रुपये में मिलेगी।