केरल: बाढ़ पीड़ित भी मना सकें ईद इसलिए दुकानदार नौशाद ने मुफ्त में बांटे कपड़े

New Delhi : केरल इन दिनों भीषण बाढ़ का कहर झेल रहा है। यहां अब तक 88 लोग इस कहर का ग्रास बन चुके हैं। केरल से इन दिनों सिर्फ बुरी खबर ही आ रही है। लेकिन कुछ लोग लगातार इस विध्वंश रूपी बुराई को हराने का लगातार प्रयास कर रहे हैं। बाढ़ से घिरे केरल में जब ईद के त्यौहार ने दस्तक दी तो एक सख्श ने ईद को अलग अंदाज में मनाया। यहां कोचि के रहने वाले नौशाद जो एक कपड़े की दुकान चलाते हैं, ने ईद पर बाढ़ पीड़ितों के लिए अपनी दुकान के दरवाजे खोल दिए। बाढ़ पीड़ित जिनके पास त्यौहार पर भी दो जोड़ी कपड़े नहीं थे नौशाद ने उन्हें नये कपड़े बांट कर उन्हें ईदी दी। उनका ये वीडियो सोशल मीडिया पर अब वायरल हो रहा है। ईद पर नौशाद ने लोगों की मदद कर न केवल एक धर्म बल्कि इंसानियत की मिसाल पेश की है।

बाढ़ पीड़ित जो यहां राहत शिवरों में जैसे तैसे रह रहे हैं को नौशाद ने ईद पर मुफ्त में वो कपड़े बांटे जो वह त्यौहार पर बेचने के लिए लाए थे ।जब  नौशाद कैरी बैग में नए कपड़े भरने लगे, तो स्वयंसेवकों ने उन्हें आगाह किया कि वह बहुत ज्यादा दे रहे हैं और इससे उनके त्योहार की बिक्री प्रभावित हो सकती है।

“जब हम इस दुनिया से विदा लेते हैं, तो हम कुछ भी नहीं कर सकते … मेरा लाभ जरूरतमंदों की मदद करना है … क्या यह तरीका नहीं है कि हम ईद मनाएं? मेरा ईद इस तरह है …”, नौशाद ने मुस्कुराते हुए कहा ।

उन्होंने कहा कि वह निश्चित थे कि दान किए गए कपड़े प्रभावित लोगों तक पहुंचेंगे। “यह गरीब लोगों के लिए है। मैं लाभ या हानि के बारे में परेशान नहीं हूं,” उन्होंने कहा।

बीते शनिवार को अधिकारियों ने कहा कि केरल में इस साल, बाढ़ और भूस्खलन सहित बारिश से संबंधित घटनाओं में म’रने वालों की संख्या 42 हो गई है। एक लाख से अधिक लोग अपना घर बार छोड़ राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं। इसी के चलते राज्य की 19 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है।

राज्य भर के 988 राहत शिविरों में 1,07,699 लोगों को स्थानांतरित किया गया है। सबसे खराब प्रभावित वायनाड में, 24,990 व्यक्ति इस तरह के शिविरों में हैं। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी जो अब वायनाड से सांसद हैं ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मदद के लिए अपील की थी। अपने संसदीय क्षेत्र वायनाड में बाढ़ की गंभीर स्थिति को लेकर शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की और उनसे सहायता मांगी।