पिछले 18 साल से इस गांव में पैदा नहीं हुआ एक भी बच्चा…स्कूल भी हो रहे हैं बंद

New Delhi : जापान का एक गांव ऐसा भी है जिसे घोस्ट विलेज यानी भू’तों का गांव कहा जाता है। गांव का नाम है नोगोरो। यहां पिछले 18 साल में एक भी बच्चा पैदा नहीं हुआ। 7 साल पहले प्राइमरी स्कूल भी बंद हो गए। बच्चों की कमी पूरी करने के लिए उनके पुतले लगाए जा रहे हैं।

खुश रहने और दूसरों को रखने की इस तरकीब की शुरुआत की सुकुमी आयानो ने। 70 वर्षीय आयानो बंद हो चुके स्कूलों की रौनक को पुतलों के जरिए लौटाने की कोशिश कर रही हैं। इन्होंने 40 से अधिक पुतले बनाकर स्कूल में बच्चों की जगह रखें हैं।

आयानो कहती हैं, इस गांव में किसी बच्चे का जन्म हुए एक एक लंबा समय बीत चुका है। आयानो पिछले 7 सालों से डॉल फेस्टिवल को बढ़ावा दे रही हैं। उनकी इच्छा है यहां ज्यादा से ज्यादा बच्चे दिखें, इसलिए जगह-जगह बच्चों के पुतले बनाकर लगा रही हैं।

जापानी की आबादी तेजी से बूढ़ी हो रही है यानी यहां बुजुर्ग लोगों की संख्या ज्यादा है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं की संख्या काफी हद तक कम है। ऐसे क्षेत्रों में लगातार जन्मदर गिरने के कारण रोजगार के अवसर भी खत्म हो रहे हैं। लाइफस्टाइल का स्तर गिर रहा है। नोगोरो की भी 40 फीसदी से अधिक आबादी की उम्र 65 साल से भी ज्यादा है। ज्यादातर लोग काम की तलाश में शहरों का रुख कर रहे हैं।

आयानो के मुताबिक, यहां युवाओं के लिए कोई भी मौके नहीं हैं। यहां न तो मेडिकल क्लीनिक हैं और न ही डिनर या पार्लर। खरीदारी के लिए एक दुकान तक नहीं है। दोस्तों के साथ मिलकर 350 डॉल बनाई गई हैं जिनकी संख्या यहां के निवासियों से भी ज्यादा है। इसे लकड़ी, वायर फ्रेम, पुराने कपड़े और अखबार से तैयार किया गया है। गांव में जगह-जगह इनकी संख्या देखकर भरी आबादी का अहसास कराती है।