नीति आयोग की रिपोर्ट में हुआ खुलासा, देश के किशोर हो रहे डायबिटीज का शिकार

New Delhi: देश का भविष्य कहे जाने वाले किशोर बच्चों की हालत काफी ख’स्ता है। सेहत के प्रति वो जागरूक तो हैं लेकिन सेहत ही उनका साथ नहीं दे पा रहा है। हर दिन न जाने कितने ही बीमारियों का शि’कार ये किशोर हो रहे हैं। नीति आयोग ने स्वास्थ्य रिपोर्ट तैयार की है, जहां साफ तौर पर किशोर को सेहत के मामले में कमजोर दिखाया गया है।

भारत में अभी 10 से 19 वर्ष तक के बीच में 243 मिलियन किशोर हैं, जिनमें से आधे तो किसी न किसी बीमारी से जूझ रहे हैं। कोई वजन की समस्या से दो-चार हो रहा है तो कोई भूख से पी’ड़ि’त है। किशोर मोटे, पतले और लंबाई में आज के समय में मात खा रहे हैं। उनकी ओर से लगातार शिकायत मिल रही है कि उनका विकास प्रक्रिया थम सा गया है।

रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि किशोरों के बीच मधुमेह, दिल की बीमारियां आम सी होती जा रही हैं। हर दिन अस्पतालों में इन ख’तरनाक बीमारियों से संबंधित किशोरों का इलाज किया जा रहा है। इतनी कम उम्र में इन ख’तरनाक बीमारियों से सामना देश के स्वास्थ्य की ज’र्जर होती हालत का सबूत है।

नीति आयोग की रिपोर्ट में दर्शाए गए आंकड़ों पर गौर करें तो 80% से अधिक किशोर ‘छिपी हुई भूख’ से पी’ड़ित हैं। पोषक तत्वों की कमी जैसे आयरन, फोलेट, जिंक, विटामिन ए, विटामिन बी 12 और विटामिन डी के शि’कार किशोर काफी तेजी से हो रहे हैं। रिपोर्ट से पता चलता है कि भारत में भारी संख्या में किशोर कुपोषण के शि’कार हैं। खराब आहार और जंक फूड इन सब का कारण है।