बुलंदशहर घटना को लेकर मानवाधिकार आयोग का नोटिस, योगी सरकार आज देगी मामले पर जवाब

NEW DELHI:  UP के बुलंदशहर शहर में गोवंश के कुछ टुकड़े मिलने पर 3 दिसंबर को जमकर बवाल हो गया। इस मामले में अब तक 6 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी हैं, लेकिन अभी तक मुख्य आरोपी यानी बजरंग दल का नेता पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। इस घटना में दो लोगों की जान जाने पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने योगी सरकार को नोटिस भेजा हैं। इस मामले में वीएचपी, बजरंग दल और बीजेपी के कई नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया हैं।  

आपको बता दें कि मामले में गुस्साई भीड़ ने अखलाक केस के रहे इंस्पेक्टर सुबोध की जान ले ली। सुबोध के सिर में गोली लगने से उनकी मौक पर ही जान चली गई। हैरानी की बात तो ये है कि इंस्पेक्टर सुबोध को गोली लगने के बाद भी भीड़ उन्हें पीटती रही। भीड़ ने जीप से लटके सुबोध के शव का वीडियो भी बनाया। सुबोध की पत्नी ने कहा कि मेरे पति ने पूरी ईमानदारी के साथ काम की और पूरी जिम्मेदारी अपने ऊपर ले ली। यह पहली बार नहीं हुआ है। वे दो बार गोली से घायल हो चुके थे। लेकिन उन्हें कोई इंसाफ नहीं दे रहा है। इंसाफ तभी मिलेगा जब उनके आरोपियों को मार दिया जाएगा।

वहीं मामले पर इंस्पेक्टर सुबोध सिंह बहन ने बड़ा बयान दिया है। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि मेरे भाई अखलाक केस की जांच कर रहे थे और यही वजह है कि उनको जान से मार दिया गया हैं। यह पुलिस की साजिश है। सुबोध की बहन ने कहा कि उन्हें शहीद का दर्जा दिए जाने की घोषणा होनी चाहिए। हमें पैसे नहीं चाहिए। मुख्यमंत्री सिर्फ गाय-गाय कह रहे हैं।

Bulandshahr Violence

मामले की खबर मिलने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही सुबोध कुमार सिंह की पत्नी को 40 लाख मुआवजे के तौर पर देने का ऐलान भी किया हैं। यहीं नहीं सीएम योगी सुबोध के माता-पिता को 10 लाख रुपए व एक परिजन को सरकारी नौकरी देंगे। बुलंदशहर में कथित गोकशी के आधार पर तीन गांव की भीड़ जमा हुई और पुलिस चौकी को निशाना बनाते हुए वाहनों को फूंक दिया। भड़की भीड़ ने इस कदर उपद्रव मचाया कि पूरी पुलिस डिपार्मेंट में हड़कंप मच गया।

आपको बता दें कि सोमवार को मचे बवाल के बाद बीती रात जनपद और आसपास के इलाकों में छापेमारी की। इस मामले की जांच एसआईटी की टीम कर रही हैं। खबरों के मुताबिक, इस मामले में बजरंग दल का नेता योगेश राज मुख्य आरोपी है। पुलिस ने इस मामले में अब तक 5 लोगों को गिरफ्तार किया है और चार लोगों को हिरासत में लिया है। हिंसा के आरोप में बजरंग दल के नेता योगेश राज के साथ 80-90 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। बताया जा रहा है कि इनमें से 27 लोग नामजद हैं और 50-60 लोग अज्ञात हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *