प्रदूषण फ़ैलाने वाले कारखानों पर चला उत्तरी नगर निगम का डंडा, सील किये 100 कारखाने

उत्तरी दिल्ली नगर निगम (एनडीएमसी) ने प्रदूषण फ़ैलाने वाले कारखानों पर करवाई की है. एनडीएमसी ने प्लास्टिक कचरा पैदा करने वाले करीब 100 कारखानों को सील कर दिया है। यही नहीं, लगभग 1000 बीघा जमीन से प्लास्टिक कचरा साफ कराया है। मुंडका, हिरनकुदना, नीलवाल, नांगलोई, कमरुद्दीन नगर, घेवरा में स्थिति प्रदूषण फैलाने वाले इन कारखानों पर यह अब तक की बड़ी करवाई मानी जा रही है।

एनडीएमसी ने प्लास्टिक कचरे के उत्पादन से पैदा हुए 9000 मीट्रिक टन से ज्यादा प्लास्टिक कचरे को हटाकर लगभग 1000 बीघा जमीन को पूरी तरह से साफ़ कर दिया. इस कचरे को वेस्ट टू एनर्जी प्लांट, नरेला-बवाना में प्रोसेसिंग के लिए भेज दिया है।

निगम द्वारा की जा रही सीलिंग के डर से कई कारखाना मालिकों ने अपनी फैक्ट्री खाली करदी और मिसयूज चार्ज जमा कराकर शपथ पत्र दे दिया है, ताकि उनकी फैक्ट्री सील न हो।

एनडीएमसी ने निर्माण कार्य व प्लास्टिक कारोबार कर रहे लोगों को सीपीसीबी/ईपीसीए या किसी भी दूसरी सरकारी एजेंसी द्वारा जारी नियमों और दिशानिर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। साथ ही दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के मद्देनज़र शहर के वातावरण को बनाए रखने के लिए बनाए गए प्रावधानों के अनुसार कचरे का निस्तारण करने की सलाह दी है।

उत्तरी दिल्ली नगर निगम साफ़-सफाई व प्रदूषण के प्रति बहुत गंभीर माना जाता है. निगम उन कारखाना मालिकों पर कार्रवाई कर रहा है, जिनकी वजह से प्रदूषण के स्तर में इज़ाफ़ा हो रहा है।