खुशखबरी : छत्तीसगढ़ के बीजापुर में 8 लाख के इनामी मा’ओवादी कमांडर ने किया आत्मसमर्पण

New Delhi: एक माओवादी कमांडर ने बुधवार को छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में आत्मसमर्पण कर दिया। इसके सिर पर 8 लाख रुपये का इनाम था। अधिकारी ने कहा कि सुधीर कोर्सा बस्तर क्षेत्र में हिं’सा के नौ मा’मलों में अ’पराधी था। जिनमें क्रमश: 2010 और 2017 में सुरक्षा बलों पर ताड़मेटला और बुरकापाल हमले शामिल थे।

डीआईजी (नक्सल विरोधी ऑपरेशन) सुंदरराज पी ने कहा, “मा’ओवादी कमांडर सुधीर कोर्सा (31) ने बीजापुर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया, जिसमें दावा किया गया कि मा’ओवाद विचारधारा खोखली है।”

डीआईजी ने कहा कि कोर्सा पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की बटालियन के प्लाटून कमांडर थे। माओ’वादी नेता मंडावी हिडमा की अध्यक्षता में बटालियन नंबर 1, दक्षिण बस्तर में सुरक्षा बलों पर सभी बड़े ह’मलों में शामिल रहा है।

डीआईजी ने कहा कि कोरसा के सिर पर 8 लाख रुपये का इनाम था। उन्होंने आगे कहा, “कोर्सा, जो बीजापुर जिले के निवासी थे, कम से कम नौ मा’मलों में शामिल थे, जिनमें 2010 में सुरक्षा बलों पर ताड़मेटला ह’मला और वर्ष 2017 में बुर्कापाल ह’मला शामिल है। कोर्सा 2005 में मा’ओवाद में शामिल हुआ था और एके -47 राइ’फल ले जाता था।”

ताड़मेटला ह’मले में कम से कम 76 सुरक्षाकर्मी मारे गए थे जबकि बुर्कापाल हमले में सीआरपीएफ के 24 सुरक्षाकर्मियों की जा’न चली गई थी।

डीआईजी ने कहा कि कमांडो बटालियन फॉर रिजॉल्यूट एक्शन (कोबरा- सीआरपीएफ की एक विशेष इकाई) के एक कांस्टेबल सोमदेव आर्य ने कोर्सा के आत्मसमर्पण में अहम भूमिका निभाई।

राज्य पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इस वर्ष अब तक बीजापुर में 32 मा’ओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है, जबकि 206 मा’ओवादियों ने अब तक छत्तीसगढ़ में आत्मसमर्पण किया है।